मऊगंज में 6 जनवरी को साइबर जालसाजों (ठगों) के चंगुल में फंसकर जान गंवाने वाली लेडी टीचर रेशमा पांडे (35) का ऑडियो दैनिक भास्कर को मिला है। इसमें टीचर को जालसाज धमका रहे हैं। टीचर रोत हुए ठगों को अपनी मजबूरी बताकर कह रही है कि उसने अपना और बच्चों को पेट काटकर एक-एक पैसा जमा किया है। उनके पास देने के लिए अब रुपए नहीं हैं, लेकिन बदमाशों ने एक भी नहीं सुनी। बार-बार मना करने के बाद भी आरोपियों ने टीचर से रुपए मांगे। जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो उसने सुसाइड कर लिया। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। थर्ड डिग्री पूछताछ में आरोपियों ने अपने नेटवर्क और लोगों को ठगने का तरीका बताया। आरोपियों ने पुलिस को अपने एक अन्य सहयोगी नाम बताया है। लेडी टीचर ने कर लिया था सुसाइड मऊगंज में साइबर जालसाजों से परेशान होकर 6 जनवरी को टीचर रेशमा पांडे (35) ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया था। रेशमा पांडे को बदमाशों ने पुराने सिक्के बेचने के बदले एक करोड़ 75 लाख रुपए देने का झांसा दिया था। रेशमा ने 22 हजार रुपए जमा किए। जब और पैसा देने के लिए मना किया, तो आरोपियों ने जेल भेजने की धमकी दी। इस मामले में एमपी पुलिस ने बुधवार को आरोपी साहिल खान (22), मुनफेद खान (20), फरदीन खान (25) को राजस्थान के अलवर (रामगढ़) से गिरफ्तार किया था। मुनफेद और फरदीन आपस में भाई हैं। अब पढ़िए, महिला और जालसाज के बीच की बातचीत जालसाज : अभी आप मुझे कॉल मत करना। फिर तुम ये संकोच में रहो कि सर ने कॉल नहीं उठाया। मैं मीटिंग जॉइन करूंगा, इसलिए कॉल नहीं उठा पाऊंगा। टीचर: सब कुछ करना, लेकिन मेरी ये बात बिल्कुल क्लियर समझ लेना कि मैं सारी बात रिकॉर्ड कर रही हूं। अगर इसके अलावा मेरे पास से पैसा मांगने की कोशिश की, तो मैं थाने जाऊंगी, फिर मुझसे जो होगा, मैं करूंगी। जालसाज: बिल्कुल तुम्हारा स्टैंड ठीक है, लेकिन ये सिचुएशन आने नहीं देंगे। आपको थाने जाना पड़े और हम आपका पार्सल नहीं देने आएं। हम आपका ये पार्सल लेकर आएंगे। आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप ऑलरेडी बहुत परेशान हो चुकी हैं। दो बार कल गई थीं और आज भी जा रही हैं। टीचर: लगातार फोन पर फोन किए जा रहे हैं। सर, मैं गरीब घर से हूं। मैं कोई करोड़पति से नहीं हूं। जालसाज: नहीं मैम, मैं समझता हूं। टीचर: अपना और अपने बच्चों का पेट काटकर कितनी मुसीबत से पैसे मैंने रखे थे। आज पानी के भाव जाएं, तो मुझे रोना आता है। बच्चों के ऊपर एक रुपए नहीं दिया कि तुम जाकर कुछ चॉकलेट खा लो। जालसाज: जी मैम, आपने पहले ही मुझे सारा सिचुएशन बता रखा है। मैं मानता हूं। हम किसी को तंग भी नहीं करना चाहते। ये सर्वर का प्रॉब्लम है। अगर फिक्स पेमेंट हो रहा हो, तो चलता है। गलत हो रहा हो, तो नहीं होता। यही सिस्टम यहां का है। फिक्स पेमेंट होता है। टीचर: ठीक है, ये बात रिकॉर्ड भी कर ली है। अब साढ़े 5 हजार के अलावा एक रुपया नहीं दूंगी। जालसाज: अभी देखो तुम सर्वर चल जाए, तो कभी भी पेमेंट करा देना। मीटिंग खत्म भी हो जाएगी। तीन से 4 बजे लौटूंगा, उस समय मोबाइल एक्टिव हो जाएगा, तो मैं आपको कॉल कर लूंगा। टीचर: ठीक है, चाहे जितनी भी बिजी होऊंगी, मैं करवा दूंगी। क्लियर बात हो गई है, इसके बाद पैसा नहीं दूंगी। जालसाज: सर्वर जैसे ही चले, आप पेमेंट करा देना। टीचर: मैं खुद ही जुड़ी हूं। पेमेंट करा दूंगी। थर्ड डिग्री पूछताछ में क्या बोले बदमाश आरोपी फरदीन ने पुलिस को बताया, ‘मैं 12वीं तक पढ़ा हूं। मुनफेद सगा भाई है। वो 10वीं तक पढ़ा है। साहिल हमारा दोस्त है। तीनों मिलकर लोगों को फंसाते थे। रामगढ़ में ही घर है। काम करने के लिए हर दिन ऐसी लोकेशन चुनते थे कि पकड़े न जाएं। हर दिन अलग-अलग खेत और जंगल में बैठकर काम करते हैं। हम लोग पैसा ट्रांसफर कराने के लिए ऐसे लड़कों से संपर्क करते थे, जिनका बैंक में अकाउंट हो। इन्हीं के खातों में रुपए ट्रांसफर कराते थे। कॉल डायवर्ट कर होती थी ठगी फरदीन ने पुलिस को बताया, ‘किसी भी हेल्पलाइन नंबर में आने वाला फोन कॉल वह आसानी से ट्रैस कर लेता। इन कॉल को अपने मोबाइल पर डायवर्ट करता। इसके बाद आसानी से लोगों को जाल में फंसा लेता। कुछ दिन बाद जब हमें फोन लगाते, उन्हें हेल्पलाइन पर किए गए कॉल की याद दिलाते, तो वो अपनी समस्या भी बता देते हैं। फिर दूसरे नंबर से फोन कर तरह-तरह के लालच या धमका कर फंसाते थे। लोगों को फंसाने के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम का सहारा भी लेते थे।’ बोले– लेडी टीचर रेशमा को फेसबुक फंसाया ‘रेशमा को भी हमने फेसबुक के जरिए फंसाया था। रेशमा पांडे से 17 दिसंबर को पहली बार बात हुई। उसने पुराने सिक्के होने की बात बताई। रेशमा की कमजोरी को आधार बनाकर पुराने सिक्कों के बदले करोड़ों रुपए का लालच दिया। उसे कई बार फोन किए। वो हमारे ऊपर विश्वास करने लगी। हमारी बात मानने लगी। रजिस्ट्रेशन कराने के लिए उससे पता पूछा और आधार कार्ड मंगाया। रजिस्ट्रेशन के नाम पर 3500 रुपए ले लिए। धीरे-धीरे उससे 22 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। उससे 5 जनवरी को आखिरी बार बात हुई थी। 5500 रुपए ट्रांसफर कराए। इसके बाद और रुपए देने का दबाव बनाया। धमकाया, पुलिस और सेना के फर्जी वाले वीडियो भेजे। हम नहीं जानते थे कि रेशमा सुसाइड कर लेगी। साइबर फ्रॉड के लिए बदनाम है रामगढ़ राजस्थान के अलवर जिले का रामगढ़ और मेवात इलाका साइबर फ्रॉड के लिए जाना जाता है। यहां संगठित गिरोह काम करता है। पुलिस ने बताया कि वहां के अधिकांश युवक साइबर ठगी करते हैं। दो आरोपियों को गिरफ्तार के बाद तीसरे आरोपियों की तलाश करने जब गांव पहुंची, तो गांव सुनसान दिखा। अधिकांश घरों में महिलाएं और बुजुर्ग थे। रामगढ़ थाना प्रभारी सवाई सिंह के अनुसार… उस गांव के 20 से 30 साल के अधिकतर युवा साइबर क्राइम में लिप्त है। यह गांव अक्सर दूसरे राज्यों की पुलिस की निगरानी में है। यहां के कई युवक पहले से ही ठगी के मामले में आरोपी हैं। मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पौने दो करोड़ कमाकर सरप्राइज देना चाहती थी टीचर मऊगंज में सायबर जालसाजों के जाल में फंसकर 6 जनवरी को जान गंवाने वाली टीचर रेशमा पांडे (35) का बुधवार को तीज कर्म हो गया। परिवार वाले सदमे में हैं। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि घर की सबसे समझदार महिला आत्महत्या जैसा कदम उठा सकती है। बच्चों को तो लगता है कि मां स्कूल गई हैं, शाम होने से पहले आ जाएंगी। पढ़ें पूरी खबर MP की टीचर से फ्रॉड करने वाले राजस्थान से गिरफ्तार मध्यप्रदेश के मऊगंज में जिन साइबर अपराधियों से परेशान होकर लेडी टीचर ने सुसाइड कर लिया था, उन आरोपियों को पुलिस ने राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खेत में रहकर ऑनलाइन फ्रॉड का गैंग ऑपरेट कर रहे थे। पढ़ें पूरी खबर


