छिंदवाड़ा के एक गांव में रेकी कर सूने घर में चोरी करने वाले चार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चोरों के पास से 12 लाख के जेवरात भी जब्त हुए हैं। पकड़े गए बदमाश पुलिस को गुमराह करने के लिए वारदात के दौरान अपने मोबाइल बंद कर लेते थे, ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। एक महीने पहले हुई थी वारदात
एसपी अजय पांडेय ने बताया, 15 दिसंबर 2024 को चंदन गांव में रहने वाले रामकुमार माहोरे ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपने परिवार सहित पैतृक गांव चांद गया था। लौटकर देखा तो घर में लगा ताला टूटा मिला। अलमारी में रखे लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर, नकदी गायब थी। सीसीटीवी खंगाले तो दो शातिर नजर आए। साइबर टीम की मदद ली गई, लेकिन बदमाशों की लोकेशन नहीं मिली। जांच के दौरान पता चला कि इसी तरह की चोरी बिलासपुर में रहने वाला हिस्ट्री सीटर सुरेश उर्फ मुकेश पटेल कर चुका है। इसके लिए बिलासपुर पुलिस से संपर्क किया गया। छत्तीसगढ़ के बालौदा बाजार से पकड़ा गया आरोपी
एसपी ने बताया, सुरेश पटेल बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, बलौदा बाजार जैसे क्षेत्रों में और आसपास के राज्यों में भी जाकर चोरी करता है। उसके खिलाफ दर्जनों वारंट पेडिंग हैं। इसके बाद देहात पुलिस टीम बिलासपुर पहुंची। वहां करीब चार दिन रहकर संदेही के बारे में जानकारी जुटाई। उसके साथी का मोबाइल नंबर लिया। इसके बाद बलौदा बाजार पहुंचकर संदेही सुरेश उर्फ मुकेश पटेल और नागपुर के रहने वाले उसके साथी राजकुमार साह को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने साथी राजेश उर्फ राजकुमार शाह के साथ मिलकर चंदन गांव में चोरी करना कबूल कर लिया।
पकड़ा ना जाए इसलिए मोबाइल बंद कर लेता था बदमाश
पुलिस ने बताया कि चोर पकड़े न जाएं इसलिए उन्होंने मोबाइल फोन को नागपुर में बंद किया फिर बस से छिंदवाड़ा आए। महाजन लॉन में एक शादी समारोह में खाना खाकर कॉलोनी में रेकी की। इसके बाद एक सूने मकान को निशाना बनाया और वापस बस से नागपुर पहुंचे। इसके बाद ही उन्होंने अपना मोबाइल चालू किया। वहां से रायपुर पहुंचे। बदमाशों ने तीन महीने पहले थाना देहात क्षेत्र अंतर्गत एक अन्य सूने मकान में भी चोरी की थी। चोरी के जेवरों में से कुछ माल अपने अन्य साथी आरोपी गुहाराम उर्फ टंडन को बेचना बताया। 12 लाख कीमत के जेवरातों को जब्त किया गया है।


