कोडरमा में पुलिस जवान मंसूर आलम की आत्महत्या के मामले में चार पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज किया गया है। इनमें जयनगर थाना प्रभारी बबलू सिंह, डोमचांच थाना प्रभारी ओम प्रकाश यादव, जयनगर थाना में पदस्थापित एएसआई अरविंद हांसदा और सपही पिकेट प्रभारी रमेश मरांडी शामिल हैं। मृतक की पत्नी साहिना बीबी की शिकायत पर चंदवारा थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है। मंसूर आलम ने 1 सितंबर को पुलिस लाइन में सल्फास खाकर आत्महत्या की थी। आत्महत्या से पहले मंसूर आलम ने एक वीडियो जारी किया था। इसमें उन्होंने इन चारों पुलिस अधिकारियों पर गलत आरोपों के तहत उन्हें निलंबित करवाने का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद पुलिस मेंस एसोसिएशन ने एसपी अनुदीप सिंह से मिलकर मामले की गहन जांच की मांग की थी। मृतक की पत्नी ने भी चंदवारा थाने में आवेदन देकर इन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मुख्यालय डीएसपी रतिभान सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी के आवेदन पर चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिसिया कार्रवाई से मेन्स एसोसिएशन नाराज इधर, पुलिस द्वारा इस कार्रवाई पर पुलिस मेन्स एसोसिएशन ने नाराजगी जताते हुए इसे पुलिस द्वारा खानापूर्ति बताया है। मेन्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष रहमान खान ने कहा कि जिस वक्त दिवंगत मंसूर आलम को पुलिस लाइन चंदवारा में एसपी अनुदीप सिंह व जिले के अन्य पदाधिकारियों सहित अन्य पुलिस के जवानों द्वारा श्रद्धांजलि दी जा रही थी। उस वक्त वे खुद पुलिस कप्तान से मिलकर उक्त पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा कि उक्त पुलिसकर्मियों को निलंबित नहीं किया जाना और केवल मामला दर्ज कर देना, एक प्रकार से मृतक के परिवार वालों के साथ छल है। उन्होंने कहा कि अगर एसपी जल्द से जल्द उन थाना प्रभारियों व पुलिस कर्मियों को निलंबित नहीं करते हैं तो एसोसिएशन डीजीपी अनुराग गुप्ता और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर मामले से अवगत कराएगा और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करेगा।


