उज्जैन पुलिस ने 1 महीने में अभियान चलाकर चोरी गईं 162 गाड़ियां बरामद कीं। एमपी के अलावा राजस्थान के शहरों में चेकिंग पॉइंट पर और डेरों पर दबिश देकर पुलिस को यह कामयाबी मिली है। उज्जैन, देवास, धार, झालावाड़ (राजस्थान) से 18 आरोपी पकड़े गए। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि गाड़ियों को उज्जैन पुलिस लाइन में लाकर खड़ा किया है। शहर के हॉटस्पॉट आरडी गार्डी अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, महाकाल मंदिर, फ्रीगंज इलाके से लगातार वाहन चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से चेकिंग पॉइंट पर चुराई गईं कुछ गाड़ियों के साथ आरोपियों को पकड़ा। इनसे उज्जैन और आसपास के जिलों के डेरों की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने उज्जैन, रतलाम, देवास, झालावाड़, धार में डेरों पर दबिश दी। चेचिस, रजिस्ट्रेशन और वाहन नंबर तक मिटा दिए
एसपी के मुताबिक, चेकिंग अभियान में कई लोग गाड़ी छोड़कर भाग गए, कुछ गाड़ियां डेरों से जब्त की गईं। इनमें 2012 से लेकर 2016 तक की रजिस्टर्ड गाड़ियां हैं। चोरों ने कई गाड़ियों के चेचिस, रजिस्ट्रेशन और वाहन नंबर तक मिटा दिए हैं। अब हम एफआईआर देखकर ऑनर को खोजकर बाइक को उस तक पहुचाएंगे। ऐसे आरोपियों तक पहुंची पुलिस
एसपी ने बताया कि जिले के सभी थानों में समय, स्थान बदल-बदल कर चेकिंग लगाई गई। हर संदिग्ध गाड़ी की जांच की गई। अलग-अलग थानों में पहले गिरफ्तार हुए आरोपियों पर नजर रखी गई। वन टू वन सभी से कड़ाई से पूछताछ की। देवास जिले के सांमगी, टोककला और पांदा के आपराधिक लोगों के बारे में सूचना तंत्र मजबूत कर जानकारी जुटाई। डेरों की रेकी की गई। रतलाम जिले के थाना ताल के ग्राम पंथ, पिपलोदा और जावरा के ग्राम उकेरिया, टांडा, राजाखेडी, ग्राम भूतेडा, झालावाड़ (राजस्थान) के ग्राम बामनदेवरिया, थाना उन्हेल नागेश्वर में आपराधिक लोगों के डेरों पर क्राइम ब्रांच की टीम बनाकर दबीश दी गई। उज्जैन पुलिस की अपील…


