बीजेपी सरदारपुर मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर मंगलवार को सरदारपुर के 54 बूथ अध्यक्ष अपना विरोध दर्ज कराने भाजपा जिला कार्यालय पहुंचे। इस दौरान बूथ अध्यक्षों ने निर्वाचन अधिकारी रामेश्वर शर्मा के विरोध में जमकर नारेबाजी की और पूर्व विधायक वेलसिंह भूरिया के खिलाफ जमकर नाराजगी की। बूथ अध्यक्षों ने निर्वाचन अधिकारी, सह निर्वाचन अधिकारी और बीजेपी जिलाध्यक्ष के नाम एक आवेदन भी दिया और अपना इस्तीफा पेश किया। बूथ अध्यक्षों ने आरोप लगाए कि मंडल अध्यक्ष के लिए जिन 3 लोगों का नाम उन्होंने दिया था, उनका नाम गायब कर चौथे व्यक्ति को मंडल अध्यक्ष बना दिया गया। उन्होंने कहा कि जो करीब 3 साल से सक्रिय नहीं है, उसे पूर्व विधायक वेलसिंह भूरिया के कहने पर मंडल अध्यक्ष बना दिया गया। आवेदन में बताया गया कि बीजेपी के सरदारपुर मंडल के अध्यक्ष पद पर निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान निर्धारित मापदंडो का पालन नहीं किया गया है। बुध अध्यक्ष के चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया जो कि गई थी, उसके विपरीत पूर्व विधायक वेलसिंह भुरिया ने संभाग कार्यालय पर गाली-गलौज कर मंडल की निर्वाचन प्रक्रिया को बाधित कर अपने मन मुताबिक मंडल अध्यक्ष का चयन किया है। जबकि दो जिला पंचायत सदस्य और वर्तमान मंडल अध्यक्ष का जिला कार्यालय पर मतदान करवाया गया था। आवेदन में आगे लिखा था कि बूथ अध्यक्षों ने भी मतदान किया गया था। जिसे नजरअंदाज कर पूर्व विधायक के मन मुताबिक निर्णय किया गया है। जिससे सभी 54 बूथ अध्यक्ष संघठन के बूथ अध्यक्ष के पद से सामूहिक रूप से त्याग पत्र दे रहे है। बूथ अध्यक्षों ने सामूहिक त्याग पत्र दिया बूथ अध्यक्षों ने आरोप लगाते हुए कहा कि हम सभी बूथ अध्यक्षों को यह लग हो रहा था कि बीजेपी पंडित दिनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सिद्धान्तों पर चल रही है। लेकिन अब निर्वाचन की प्रक्रिया को देखते हुए यह प्रतित होता है कि पूर्व विधायक वेलसिंह ने जिलाध्यक्ष और संगठन के निर्वाचन पदाधिकारियों को गाली-गलौज कर अपने मन मुताबिक संगठन के पदों पर नियुक्ति करवा रहे है। जिससे बीजेपी पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सिद्धांतों के विपरीत चल रही है। जिससे हम सभी बूथ अध्यक्षों के निर्णय का अपमान हुआ, जिसके बाद हम सभी बूथ अध्यक्ष संघठन के बूथ अध्यक्ष के पद से सामूहिक त्याग पत्र दे रहे है।


