ब्यावर जिले में “ऑपरेशन जागृति” अभियान के तहत शुक्रवार को जिला पुलिस ने विभिन्न स्कूलों का दौरा किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को सुरक्षा, उनके अधिकारों और कानूनों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह (आईपीएस) ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आत्मनिर्भर, सजग और सुरक्षित बनाना है। पुलिस अधिकारियों की एक विशेष टीम ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उन्हें सरल भाषा में कई महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया। अभियान के तहत बच्चों को साइबर अपराध से बचाव के तरीके सिखाए गए। उन्हें इंटरनेट पर गोपनीय जानकारी साझा न करने, अजनबियों से ऑनलाइन बातचीत से बचने और साइबर अपराध की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई। साथ ही, पॉक्सो एक्ट के तहत यौन उत्पीड़न से सुरक्षा के अधिकार और कानूनी प्रावधानों को भी समझाया गया। विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति भी जागरूक किया गया, जिसमें यातायात नियमों का पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व पर जोर दिया गया। छोटे बच्चों को ‘गुड टच-बैड टच’ की पहचान करना और ऐसी स्थिति में ‘ना’ कहने का अधिकार सिखाया गया। छात्राओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक उपाय भी बताए गए। पुलिस टीम ने कई स्कूलों में बच्चों को दिए साइबर अपराध से बचाव टिप्स, देखें फोटोज…
पुलिस ने विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी, जिनमें 112 (एकीकृत आपातकालीन सहायता), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 1090 (महिला हेल्पलाइन), 1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) और 1933 (मादक पदार्थ शिकायत हेल्पलाइन) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, राजकॉप सिटिजन ऐप के ‘नीड हेल्प’ फीचर के बारे में भी बताया गया। पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने कहा कि यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने बताया कि यह अभियान जिले के अन्य स्कूलों में भी जारी रहेगा और पुलिस बच्चों, शिक्षकों व अभिभावकों के सहयोग से एक सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए कार्यरत रहेगी।


