मैहर। बाणसागर जल विद्युत गृह क्रमांक-04,झिन्ना पावर हाउस के स्टोर रूम से 23.64लाख रुपये की विद्युत सामग्री चोरी होने की शिकायत पुलिस जांच में मनगढ़ंत पाई गई है। पुलिस ने इस मामले में विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत का पर्दाफाश किया है। प्रारंभिक सूचना सहायक अभियंता (भंडार)अंकित सोनी ने दी थी।उन्होंने अपनी शिकायत में स्टेटर बार कॉइल, टरबाइन बुश और पिस्टन रॉड जैसे महंगे उपकरणों की चोरी होने का दावा किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन उपनिरीक्षक नागेश्वर मिश्रा और एस.एस. दीपांकर ने जांच शुरू की। इसके अतिरिक्त, एक चार सदस्यीय विभागीय टीम ने भी स्टोर का निरीक्षण किया। विभागीय टीम ने अपनी जांच में चोरी की घटना को संदिग्ध पाया। टीम के अनुसार,दीवार पर चढ़ने के कोई निशान, सामान ले जाने के सबूत या दूसरी मंजिल से सामग्री गिराए जाने के कोई प्रमाण नहीं मिले। मैहर पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने भी घटनास्थल का स्वयं निरीक्षण किया और विस्तृत जांच के निर्देश दिए। इसके बाद FSLसतना के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी महेंद्र पटेल ने स्टोर रूम का वैज्ञानिक परीक्षण किया। पटेल ने बताया कि जिस खिड़की की जाली काटने का दावा किया गया था, वह अंदर से कटी हुई प्रतीत होती है और उस पर पुराना जंग लगा था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उस कटे हुए हिस्से से भारी स्टेटर कॉइल को बाहर निकालना संभव नहीं है। इसके अतिरिक्त,खिड़की जमीन से 30-35फीट की ऊंचाई पर होने के कारण भी चोरी की संभावना नगण्य पाई गई। निरीक्षण से यह भी स्पष्ट हुआ कि स्टोर रूम से सामग्री केवल चाबी खोलकर ही निकाली जा सकती है। जबकि 03 जून 2024को हुए थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन में सभी सामग्री स्टोर में मौजूद पाई गई थी। इन तथ्यों से विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका और मजबूत हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि स्टोर के तत्कालीन प्रभारी अनूप सिंह तिवारी और वर्तमान प्रभारी अंकित सोनी ने मिलकर सामग्री गायब की और झूठी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके आधार पर, दोनों के विरुद्ध अपराध क्रमांक618/25, धारा 316(2)और316(5) BNSके तहत आपराधिक न्यास भंग का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की विवेचना कर रही है।


