सूरजपुर पुलिस ने फेसबुक के पैरेंट कंपनी मेटा (META) को AI जनरेटेड वीडियो से हो रही ठगी के मामले में नोटिस भेजा है। फेसबुक में नामी हस्तियों के वीडियो इन्वेस्टमेंट के विज्ञापन के तौर पर फेसबुक में अपलोड हो रहे हैं। इनसे लोग प्रभावित होकर धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। सूरजपुर पुलिस ने मेटा को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। सूरजपुर पुलिस ने कहा कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मेटा के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर नामी हस्तियों के फेक वीडियो प्रसारित हो रहे हैं। AI जनरेटेड इन डीप फेक वीडियो में नामी हस्तियों को निवेश के लिए आकर्षक प्रलोभन दिए जा रहे हैं। नामी हस्तियों के वीडियो देखकर लोग निवेश कर ठगी का शिकार हो रहे हैं। यह पूरी आपराधिक गतिविधि सीधे तौर पर फेसबुक के प्लेटफॉर्म का उपयोग कर चलाई जा रही है। META को भेजा नोटिस
फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा को सूरजपुर पुलिस ने नोटिस भेजा है। सूरजपुर एएसपी संतोष महतो ने बताया कि AI जनरेटेड ये डीप फेक वीडियो इतने यथार्थवादी होते हैं कि आम आदमी को असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है, जिसका फायदा उठाकर अपराधी लाखों की ठगी कर रहे हैं। मेटा को नोटिस में सूरजपुर पुलिस ने मेटा से कई स्पष्ट और कड़े सवाल पूछे हैं। पुलिस ने जानना चाहा है कि आखिर इस तरह के भ्रामक, आपत्तिजनक और अपराध को बढ़ावा देने वाले कंटेंट फेसबुक जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर कैसे और क्यों चल रहे हैं? इसके साथ ही, पुलिस ने मेटा से यह भी विस्तृत जानकारी मांगी है कि उसने इस प्रकार के एआई आधारित साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए अपने प्लेटफॉर्म पर क्या-क्या सुरक्षा व्यवस्थाएं (सिक्योरिटी मेजर्स) लागू किए हैं। नोटिस में पुलिस ने इस बात पर भी जोर दिया है कि इन आपराधिक मामलों पर एक प्लेटफॉर्म के रूप में मेटा की क्या जिम्मेदारी बनती है और वह इसे कैसे निभा रहा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो FIR
सूरजपुर एडिशनल एसपी संतोष कुमार महतो ने कहा कि यदि फेसबुक-मेटा की ओर से मिला जवाब संतोषजनक नहीं होता है और पुलिस को लगता है कि कंपनी ने पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए हैं, तो प्लेटफॉर्म के खिलाफ सीधे तौर पर FIR दर्ज की जाएगी।
इस कानूनी कार्रवाई में भारत में फेसबुक के शीर्ष अधिकारी को भी पार्टी बनाया जा सकता है। योगी, निर्मला सीतारमण के फेक वीडियो
सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा निवेश के लिए प्रेरित करने का फेक वीडियो बतौर विज्ञापन चलाया जा रहा है। इसमें योगी आदित्यनाथ लोगों ने 21 हजार रुपए निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। एक अन्य वीडियो में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का फेक वीडियो बतौर विज्ञापन चल रहा है। इसमें वे लोगों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करती हुई दिख रही हैं। इसी तरह के अन्य हस्तियों के डीप फेक वीडियो फेसबुक में चल रहे हैं। पुलिस का मानना है कि ऐसे फेक वीडियो को देखकर लोग धोखा खाकर निवेश करते हैं, चूंकि वर्तमान समय में निवेश ही धोखाधड़ी का सबसे बड़ा माध्यम है और फेसबुक का उपयोग धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा है। इस कारण फेसबुक भी इसके लिए जिम्मेदार है।


