पुलिस-मुखबिरी के शक में मौत की सजा:बीजापुर में नक्सलियों ने एक ही गांव के 2 ग्रामीणों का काटा गला, 24 सालों में 1800 लोगों को मारा

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादियों ने एक ही गांव के 2 ग्रामीणों की गला रेतकर हत्या कर दी है। रात में घर से दोनों को उठाकर जंगल की तरफ लेकर गए थे, मारकर सुबह दोनों के शव को गांव के नजदीक फेंक दिया। इनपर पुलिस की मुखबिरी का आरोप लगाया और मौत की सजा दे दी। मामला तर्रेम थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों ने बुड़गीचेरू गांव में वारदात की है। 3 फरवरी की देर रात करीब 10 से 12 की संख्या में हथियारों से लैस नक्सली गांव पहुंचे थे। इस गांव के रहने वाले युवक कारम राजू (32) और माड़वी मुन्ना (27) के घर पहुंच गए। इन दोनों ग्रामीणों को बंदूक के बल पर घर से उठाया फिर इन्हें गांव के पास के ही जंगल में लेकर गए। जंगल लेकर गए फिर काट दिया गया गला जहां इनपर पुलिस की मुखबिरी करने का आरोप लगाया और धारदार हथियार से गला रेत दिया। वारदात के बाद दोनों के शव को गांव के नजदीक लाकर फेंक दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने सुबह इसकी जानकारी पुलिस को दी। बीजापुर ASP चंद्रकांत गवर्णा ने कहा कि, पुलिस को जानकारी मिलते ही टीम को गांव भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है। 1800 लोगों की हत्या त्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से नक्सलियों ने बस्तर के दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर समेत संभाग के सातों जिले में जमकर उत्पात मचाया और पिछेल 24 सालों में लगभग 1800 से ज्यादा लोगों की हत्या की है। इनमें सबसे ज्यादा हत्या बीजापुर जिले में हुई है।

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