भास्कर न्यूज|गढ़वा झारखंड के गढ़वा जिले में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गुरुवार को बेलचंपा-रेहला कोयल नदी में अचानक आई बाढ़ से बड़ा नुकसान हुआ है। स्टेट हाईवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड के अंतर्गत 200 करोड़ की लागत से खजूरी से शंखा तक सड़क निर्माण कर रही शिवाल्या कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस बाढ़ से करीब 3 करोड़ रुपए की क्षति हुई है। जिसमें 2.25 करोड़ की मशीनरी का नुकसान हुआ है। जबकि पुल निर्माण के लिए 500 मीटर में बना 70-75 लाख का डायवर्सन सड़क भी बह गई है। जानकारी के अनुसार गुरुवार की सुबह नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ा और पुल निर्माण स्थल पर बने शिवाल्या कंपनी के अस्थाई ऑफिस, मजदूरों के अस्थाई घर तथा निर्माण कार्य में उपयोग हो रही महंगी मशीनें बाढ़ में बह गईं। इन मशीनों में डीजी सेट, ट्रैक्टर, टीएस मशीन, ऑटो लेवल, यू-जैक, वाइब्रेटर, सेंट्रिंग प्लेट, चैनल आदि शामिल हैं। कंपनी के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर ज्ञान प्रकाश शुक्ला ने बताया कि बाढ़ इतनी तेज गति से आई कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मजदूर और सुरक्षा गार्ड जैसे-तैसे जान बचाकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। उन्होंने बताया कि मशीनरी और सेंट्रिंग सामग्री को हटाने का प्रयास जरूर किया गया। लेकिन जलप्रवाह की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि प्रयास सफल नहीं हो सका। जदूरों और गार्डों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया शुक्ला ने बताया कि कंपनी की प्राथमिकता मानव जीवन की सुरक्षा थी। इसलिए सबसे पहले सभी मजदूरों और गार्डों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। बाढ़ की तीव्रता इतनी थी कि देखते ही देखते निर्माण स्थल का पूरा अस्थाई ढांचा बह गया। शिवाल्या कंस्ट्रक्शन कंपनी स्टेट हाईवे प्रोजेक्ट के अंतर्गत खजूरी से पलामू जिले के शंखा तक लगभग 21 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कर रही है। जिसकी लागत करीब 200 करोड़ रुपये है। इसी परियोजना के तहत बेलचंपा-रेहला कोयल नदी पर पुल निर्माण का कार्य भी चल रहा है। इस हादसे से परियोजना की गति प्रभावित हो सकती है। हालांकि कंपनी प्रबंधन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि स्थिति सामान्य होते ही पुनः निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा और नुकसान की भरपाई के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। निर्माण कंपनी प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नदी के ऊपरी क्षेत्रों में बारिश अभी भी जारी है। जिससे नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।


