पूर्व छात्र बने मैनिट की ताकत…:चुनाव कराकर एलुमनाई एसोसिएशन बनाया, 16 हजार पूर्व छात्रों को जोड़ा, उन्होंने एक साल में संस्थान को दिए 14 करोड़ रुपए

राजधानी के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) उन चुनिंदा संस्थानों में शुमार हो गया है, जहां पूर्व छात्रों के एसोसिएशन का अपना एक डेडिकेटेड सेटअप है। हार्वर्ड बिजनेस स्कूल और हार्वर्ड लॉ स्कूल के पूर्व छात्रों की तरह इसका भी एक संगठन है। इससे दुनियाभर में फैले 16 हजार पूर्व छात्र जुड़े चुके हैं। इतना ही नहीं अपने संस्थान के विकास और वित्तीय सहायता के लिए पूर्व छात्र पिछले एक साल में ही 14 करोड़ रुपए की सहयोग राशि प्रदान कर चुके हैं। हाल ही में एक पूर्व छात्र ने अत्याधुनिक थर्मल लैब के लिए 5 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है। 1971 बैच के वीरेंद्र प्रकाश राठी ने थर्मल लैब के लिए दिए 5 करोड़ रुपए पूर्व छात्रों से लगातार संपर्क का सिस्टम बनाया
प्रो. एसपीएस राजपूत (डीन, आईडी और आईआर) ने बताया कि संस्थान के इतिहास में पहली बार विधिवत रूप से इलेक्शन करवाकर एलुमनाई एसोसिएशन का गठन किया गया है। इसके अध्यक्ष 1984 (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) बैच के छात्र विप्लव डे हैं। संस्थान से पासआउट हुए देश-दुनिया में कार्यरत 16 हजार से ज्यादा छात्र इस एसोसिएशन के जरिए आपस में और संस्थान से जुड़े हुए हैं। ये छात्र संस्थान के सहयोग के ​लिए आगे आ रहे हैं। लैब में 5000 डिग्री तक तापमान मापने वाले उपकरण
1971 बैच के पूर्व छात्र वीरेंद्र प्रकाश राठी की मदद से मैनिट थर्मल कैलिब्रेशन सेंटर डेवलप होगा। इसमें टेम्परेचर मेजरमेंट में काम आने वाले हाईटेक इंस्ट्रूमेंट का कैलिब्रेशन हो सकेगा। यहां उच्च तापमान मापने के उपयोगी पायरोमीटर्स होंगे, जो 5000 डिग्री तक तापमान को माप सकेंगे। 5 करोड़ लागत की यह लैब डेढ़ साल में तैयार हो जाएगी। राठी ने कहा कि संस्थान ने मुझे बहुत कुछ दिया है, अब मेरी बारी है। ऐसी लैब आईआईटी इंदौर में भी नहीं… राठी उदयपुर स्थित पायरोटेक-टेम्पसेंस ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के सह-संस्थापक हैं। मालूम हो कि थर्मल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ऐसी लैब की सुविधा आईआईटी इंदौर में भी नहीं है। मैनिट में थर्मल इंजीनियरिंग में उच्च स्तरीय रिसर्च हो सकेगी। साथ ही कंसल्टेंसी देकर आय भी जनरेट की जा सकेगी। पूर्व छात्रों ने संस्थान और अपने जूनियर्स को दिए बड़े तोहफे…
1 ग्रीन कैम्पस योजना के तहत 6 करोड़ से 4 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों को आरईसी लिमिटेड ने उपलब्ध कराया है, जिसके प्रबंध निदेशक मैनिट के पूर्व छात्र विवेक देवांगन हैं।
2 साल 1975 बैच के छात्र अब्दुल हुसैन द्वारा लगभग 2 करोड़ से पॉलीक्लिनिक का निर्माण कराया जा रहा।
3 पूर्व छात्र वेंकटेश शुक्ला ने लगभग 1.26 करोड़ से संस्थान के छात्रों के विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के लिए स्टील स्ट्रक्चर का निर्माण कराया जा रहा है।

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