हनुमानगढ़ महिला पुलिस थाने में पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत दर्ज मामले में नामजद पूर्व पार्षद विकास रांगेरा ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उनके समर्थन में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पूर्व पार्षद विकास रांगेरा ने आरोप लगाया कि 21 दिसंबर को दर्ज किया गया यह मुकदमा राजनीतिक द्वेष का परिणाम है। उन्होंने बताया कि वार्ड 55 में एक कब्जाशुदा प्लॉट को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। 20 दिसंबर को वह निवर्तमान पार्षद के तौर पर मौके पर केवल जनप्रतिनिधि की हैसियत से बात करने गए थे। रांगेरा के अनुसार, उनकी इस मध्यस्थता से दूसरा पक्ष नाराज हो गया। उन्होंने दावा किया कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर महिला पुलिस थाने में उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। पूर्व पार्षद ने स्पष्ट किया कि मुकदमे में लगाए गए आरोपों से उनका कोई सरोकार नहीं है और वह पूरी तरह निर्दोष हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते उनकी छवि खराब करने और उन पर दबाव बनाने का प्रयास बताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच किसी निष्पक्ष और वरिष्ठ अधिकारी से करवाई जाए। उनका तर्क है कि यदि आरोप आधारहीन पाए जाते हैं, तो निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न से बचाया जा सकेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनीष मक्कासर, पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र दादरी, पीलीबंगा विधायक विनोद गोठवाल, पूर्व प्रधान सोहन ढिल, पूर्व उपसभापति अनिल खीचड़, पूर्व पार्षद गुरदीप चहल सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस-प्रशासन कानून के तहत निष्पक्ष कार्रवाई करेगा।


