पूर्व पैरा कमांडो ने खुद का मर्डर प्लान किया:मुंबई के बिजनेसमैन को फंसाने का था मकसद, मजदूर की हत्या कर चेहरा जलाया; गिरफ्तार

बुरहानपुर पुलिस ने डेढ़ साल पुराने एक ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया है। इस मामले में मरने वाले व्यक्ति की पहचान अज्ञात थी। हत्या का मुख्य उद्देश्य मुंबई के एक बिजनेसमैन प्रितेश गुप्ता को फंसाना था। इस वारदात को आर्मी के पूर्व पैरा कमांडो और उसके दोस्त ने मिलकर अंजाम दिया था। बुरहानपुर एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार ने रविवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह एक गंभीर किस्म का हत्याकांड था, जिसमें पुलिस को मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में कई टीमें भेजनी पड़ीं। एक बार आरोपी नेपाल भी भाग गया था, जहां टीम उसे तलाशने गई थी। लाश के पास मिले दस्तावेजों ने उलझाया मामला पुलिस के अनुसार, 25 मई 2024 को चिंचाला में रेलवे स्टेशन के पास एक जली हुई लाश मिली थी। करीब एक साल बाद मृतक की पहचान कैलाश सांवले के रूप में हुई। वहीं पुलिस को लाश की जेब से मिले आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के आधार पर शव की पहचान हुसन सिंह (आगरा) के रूप में हुई थी। हुसन आर्मी का पूर्व जवान था। पुलिस को लगा कि हुसन का मर्डर हुआ है, लेकिन जब उसके परिजनों ने शव को पहचानने से इनकार कर दिया, तो मामला संदिग्ध हो गया। दुश्मन को फंसाने के लिए रचा ‘डेथ ड्रामा’ पुलिस जांच में पता चला कि हुसन सिंह जिंदा है और उसने अपने पार्टनर गणेश शर्मा के साथ मिलकर यह पूरी साजिश रची थी। हुसन का बॉम्बे के एक बिजनेसमैन प्रितेश गुप्ता से विवाद था। प्रितेश को हत्या के झूठे केस में फंसाने और खुद की पहचान मिटाने के लिए उसने एक ‘बलि का बकरा’ खोजा। ऐसे हुई बेगुनाह की हत्या हुसन और गणेश ने बॉम्बे से मजदूरी करने आए कैलाश सांवले को अपना निशाना बनाया। वे उसे लालच देकर बुरहानपुर लाए, उसे जमकर शराब पिलाई और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। लाश की पहचान न हो सके, इसलिए पेट्रोल डालकर चेहरा जला दिया और पास में हुसन के असली दस्तावेज रख दिए ताकि दुनिया उसे ‘हुसन’ समझे। पहचान का संकट और DNA टेस्ट पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि अगर यह लाश हुसन की नहीं है, तो किसकी है? हेड कांस्टेबल भरत देशमुख ने पूरे महाराष्ट्र के थानों और रेलवे पुलिस के रिकॉर्ड खंगाले। आखिरकार, संभाजीनगर के मुकुंदवाड़ी थाने में दर्ज एक गुमशुदगी से मृतक की पहचान कैलाश के रूप में हुई। मां और भाई के DNA मिलान से पुष्टि हुई कि मरने वाला शख्स कैलाश ही था। शातिर अपराधी है पूर्व पैरा कमांडो एसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी हुसन सिंह बेहद शातिर है। वह आर्मी की स्पेशल विंग (पैरामिलेट्री फोर्स) में रह चुका है, जहां से उसने अनुशासनहीनता और अपराधों के कारण रिटायरमेंट ले लिया था। उस पर पहले से ही 7 गंभीर मामले दर्ज हैं। उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल तक में शरण ली थी। पुलिस ने गणेश शर्मा को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। हुसन (पिता गंगाराम) डेढ़ साल से फरार था और उस पर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित था। उसे अब उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया गया है।

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