रांची | मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके पीएस रहे संजीव लाल को जमानत नहीं मिली। हाईकोर्ट के जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय ने शुक्रवार को इस केस की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। उन्होंने जमानत याचिका को किसी दूसरी सक्षम बेंच में भेजने का निर्देश दिया। पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर को टेंडर कमीशन घोटाले में 15 मई 2024 को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने निचली अदालत में जमानत याचिका दाखिल की थी, लेकिन खारिज हो गई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। ईडी ने पीएस संजीव लाल और उसके नौकर जहांगीर आलम के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान जहांगीर के घर से 32 करोड़ कैश और संजीव के ठिकाने से कमीशन वसूली का ब्योरा मिला था।


