पूर्व मंत्री ने संतोष वर्मा की पोस्टिंग पर उठाए सवाल:कर्मचारी संगठन ने की गोपाल भार्गव से मुलाकात, ‘ब्राह्मण बेटियों पर बयान’ मामले को उठाने की मांग

IAS अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर दिए गए कथित बयान ने प्रदेशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव ने वर्मा पर लगे आरोपों पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि बेटियों के खिलाफ आपत्तिजनक बात करने और फर्जी जजमेंट मामले में जेल जा चुके अधिकारी पर अब तक कार्रवाई न होना चिंताजनक है। भार्गव ने पूछा कि ऐसे विवादित अधिकारी की पोस्टिंग मंत्रालय जैसे संवेदनशील पद पर कैसे की गई। इस मुद्दे पर सामान्य वर्ग के अधिकारी-कर्मचारियों के प्रतिनिधि मंडल ने भी उनसे मुलाकात कर मामले को उच्च स्तर पर उठाने की मांग की। भार्गव बोले- कोई कार्रवाई नहीं, यह गंभीर पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि आईएएस संतोष वर्मा पर गंभीर आरोप होने के बावजूद कोई कदम न उठाया जाना आश्चर्यजनक है। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी बेटियों पर अभद्र टिप्पणी करने और जज के फर्जी आदेश तैयार करने के आरोप में जेल जा चुका हो, उसका मंत्रालय जैसे उच्च और महत्वपूर्ण पद पर पदस्थ होना समझ से परे है। प्रतिनिधि मंडल ने की मुलाकात सामान्य वर्ग के अधिकार-कर्मचारियों के प्रतिनिधि मंडल ने 74 बंगले स्थित आवास पर भार्गव से मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे मामलों में ढिलाई प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने भार्गव को मुद्दा उठाने के लिए धन्यवाद दिया और इसे शासन स्तर तक ले जाने का अनुरोध किया। प्रशासनिक स्तर पर जातिवाद पर चर्चा मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष इंजीनियर सुधीर नायक ने बताया कि मुलाकात के दौरान उच्च अधिकारियों में बढ़ते जातिवाद पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति कर्मचारियों के कार्य माहौल को प्रभावित कर रही है और सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। मुलाकात के दौरान मंत्रालय और विभिन्न विभागों से जुड़े सदस्य मौजूद रहें, जिनमें इंजी. सुधीर नायक, विजय रघुवंशी, श्याम सुंदर शर्मा, अशोक पांडे,आशीष सोनी, राजकुमार पटेल, हरिशरण द्विवेदी,अंकित अवधिया, मतीन खान, महेश विश्वकर्मा,श्याम बिहारी दुबे और सुनील शुक्ल शामिल हैं। ब्राह्मण समाज ने किया था प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
आईएएस संतोष वर्मा के बयान से नाराज अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को एमपी नगर थाने के सामने प्रदर्शन किया और कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल थीं, जो फरसा लेकर चल रही थीं। IAS अफसर संतोष वर्मा को दिया था नोटिस ब्राह्मणों की बेटियों को लेकर विवादित बयान देने वाले अजाक्स के प्रांताध्यक्ष और आईएएस अधिकारी संतोष कुमार वर्मा को राज्य शासन ने नोटिस जारी किया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 26 नवंबर को जारी नोटिस में कहा गया है कि 23 नवंबर 2025 को भोपाल में हुए अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में दिया गया बयान भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों से अपेक्षित आचरण के अनुरूप नहीं है। यह अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। नोटिस में कहा गया है कि वर्मा द्वारा अखिल भारतीय सेवाएं आचरण नियम 1967 के नियमों का उल्लंघन किया गया है। इसके आधार पर वर्मा ने खुद को अखिल भारतीय सेवाएं अनुशासन तथा अपील नियम 1969 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही का भागीदार बना लिया है। वर्मा बताएं कि ऐसे कृत्य पर उनके विरुद्ध अखिल भारतीय सेवाएं अनुशासन तथा अपील नियम 1969 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए? ये खबर भी पढ़ें… IAS बोले-ब्राह्मण बहू दान में मिलने तक जारी रहे आरक्षण अजाक्स के प्रांताध्यक्ष संतोष वर्मा का विवादित बयान सामने आने के बाद बवाल शुरू हो गया है। रविवार को आयोजित प्रांतीय अधिवेशन में वरिष्ठ IAS अधिकारी और नवनिर्वाचित प्रांताध्यक्ष वर्मा ने कहा कि “जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।” इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद विरोध तेज हो गया है। पूरी खबर पढ़ें…

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