बाड़मेर और बालोतरा जिले की सीमाओं में फेरबदल के विरोध में धोरीमन्ना में धरना आज चौथे दिन भी जारी है। पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने लगातार दूसरी रात भी धरना स्थल पर कड़कड़ाती ठंड में गुजारी। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में हेमाराम चौधरी ने कहा मेरे शरीर में जब तक जान है तब मैं यहां पर बैठा रहूंगा। मैं यहां पर राजनीति करने नहीं आया हूं मैंने पिछला विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ा। पार्टी ने लोकसभा चुनाव लड़ने का भी कहा था लेकिन मैंने नहीं लड़ा। दरअसल, राजस्थान सरकार ने 31 दिसंबर की डेट का नोटिफिकेशन 2 जनवरी की रात को सामने आया था। इसमें बाड़मेर और बालोतरा जिले के पुनर्गठन कर सीमाएं बदल दी गई है। बाड़मेर से धोरीमन्ना और गुड़ामालानी को नए जिले बालोतरा में शामिल कर दिया। वहीं बायतु को फिर से बाड़मेर जिले में लिया गया। इसके बाद से सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक इस नोटिफिकेशन का एक तरफ विरोध हो रहा है। वहीं भाजपा कार्यकर्ता खुशी जाहिर कर रहे। पूर्व मंत्री ने कहा कि हमारे पास दूसरा पावर नहीं है। इसलिए धरने पर ही बैठे रहेंगे। ठंड हम नहीं घबराते है। सर्दी, गर्मी और बरसात से घबराते नहीं है। मेरे शरीर में जब तक सांस है तब तक तो बैठा हूं। इसके बाद तो मेरी मियाद ही खत्म हो जाएगी। मियाद मेरे हाथ में नहीं है ईश्वर के हाथ में है। पूर्व मंत्री ने धरना स्थल पर गुजारी दूसरी रात धोरीमन्ना कस्बे के नेशनल हाईवे 68 पर बिजली घर के सामने धरना स्थल चल रहा है। इसमें जनता के साथ में पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी भी बैठे है। सीमाएं बदलने के नोटिफिकेशन को निरस्त करने की मांग कर रहे है। धरना स्थल से रैली निकालकर एसडीएम ऑफिस पहुंचकर नोटिफिकेशन निरस्त करने का ज्ञापन भी सौंप रहे है। इससे जुड़ी खबर पढ़ें… कांग्रेस के 75 साल के पूर्व मंत्री धरने पर बैठे:2 जिलों के भूगोल बदलने को लेकर विरोध; बोले- लोगों को बेवजह दूर भेजा रहा राजस्थान के 2 जिलों का रातोंरात भूगोल बदला:बाड़मेर और बालोतरा की सीमाओं में फेरबदल; भाजपा ने पटाखे फोड़े, कांग्रेस का विरोध


