सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल गुमानपुरा के पू्र्व लेक्चरर सुखविंदर सिंह ने प्रिंसिपल परमजीत कौर एवं अन्यों पर 54.97 लाख से ज्यादा वेतन का गबन करने का आरोप लगाया है। सुखविंदर सिंह ने कहा कि मार्च 2022 से अप्रैल 2024 के बीच उक्त रकम का गबन हुआ है। इस अवधि के दौरान स्कूल के कर्मचारियों की तनख्वाह-पेंशन हड़पने के लिए प्रिंसिपल व अन्यों द्वारा कुलवंत कौर (अब मृतका) व सुखबीर सिंह के नाम से एसबीआई मजीठा में 2 फर्जी अकाउंट भी खोले गए। एसबीआई में खाता नंबर 32396955699 मृतका कुलवंत कौर के नाम पर खोला गया था, जबकि खाता नंबर 203768 49059 सुखबीर सिंह के नाम पर खोला गया था। इस अवधि के दौरान प्रिंसिपल परमजीत कौर ने डीईओ की शक्तियों का गलत इस्तेमाल करते हुए फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था। जब इस घोटाले का पर्दाफाश होने लगा तो प्रिंसिपल जो अभी भी इस पद पर इसी स्कूल में कार्यरत हैं ने 21 अप्रैल 2023 को खुद का बचाव करते हुए घोटाले का आरोप अध्यापकों पर मढ़ दिया था। प्रिंसिपल का कहना था कि इन 3 महीनों में कुल 9.76 लाख रुपए का ही गबन हुआ था जो अध्यापकों ने किया था। जब इन दिनों प्रिसंपिल की शिकायत हुई तो उन्होंने प्रैस कांफ्रेस से 2 दिन पहले ही 8 लाख रुपए की रकम सरकारी बैंक अकाउंट में डाल दी थी। उन्होंने कहा कि इस घपले की जानकारी सरकार, डीईओ व प्रिसिंपल सभी को थी लेकिन मिलीभगत से इसे अंजाम दिया गया था। इस संदर्भ में जब डीईओ हरभगवंत सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने सारी बात आराम से सुनने के बाद बयान देने की बात ही। डीईओ ने कहा कि वह इस समय कहीं बैठे हुए हैं, वह जवाब देने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह 9 बजे उनके दफ्तर में आ जाएं वहां बात करेंगे। सुखविंदर सिंह ने कहा कि 2023 में इसकी शिकायत विजिलेंस को दी थी, इसके अलावा 2024 से कई बार इसकी शिकायत डीईओ व सरकार के सचिव स्तर के अधिकारियों से भी की गई थी लेकिन कोई जांच नहीं हुई। सभी पक्षों द्वारा मामले को रफा दफा कर दिया गया था। उन्होंने विजिलेंस, आप सरकार व डीईओ से इसकी निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घपले में शामिल मौजूदा प्रिंसिपल परमजीत कौर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए तथा गबन का पैसा खजाने में जमा होना चाहिए।


