पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती की मौत के बाद उनकी देखभाल करने वाले इमरान आलम अंसारी पर 4.49 करोड़ रुपए हड़पने का आरोप लगा है। आरोप उनके भांजे दीपायन रॉय ने लगाया है। दीपायन ने धुर्वा थाना में धोखाधड़ी व पैसे की अवैध निकासी को लेकर केस दर्ज कराया है। प्राथमिकी में कहा है कि वे सजल चक्रवर्ती की संपत्ति के वैध उत्तराधिकारी हैं, जिसके लिए कोर्ट से ‘लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन’ मिला हुआ है। उन्होंने बताया कि सजल चक्रवर्ती ने भगवान महावीर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को बरियातू रोड स्थित एक भूखंड बेचा था। उन्हें कुल 15.21 करोड़ रुपए मिले। यह राशि एसबीआई हटिया शाखा के बचत खाते में जमा हुई थी। इसमें से 4.49 करोड़ रुपए म्यूचुअल फंड में निवेश किए गए थे। कोविड लॉकडाउन के दौरान, बैंक नियमों के तहत म्यूचुअल फंड खाता खोलने के लिए नॉमिनी देना अनिवार्य हो गया था। -शेष पेज 9 पर आरोप: मृत्यु प्रमाण पत्र छिपा निकाली म्यूचुअल फंड की राशि दीपायन का आरोप है कि सजल के निधन के बाद इमरान ने उनका मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया। इसके बाद म्यूचुअल फंड से पूरी राशि निकाल ली। जब धोखाधड़ी का पता चला, तो उन्होंने इमरान से संपर्क किया। इमरान ने पैसे निकालने की बात स्वीकार की। वादा किया कि वह पैसे लौटा देगा। लेकिन उसने संपर्क ही नहीं किया। अब तो नाम बदलकर प्रेम कुमार रख लिया है।


