पेंशन कार्यालय बंद करने के प्रस्ताव का शाजापुर में विरोध:कहा-वरिष्ठ नागरिकों को होगी परेशानी, यथावत संचालित रखने की मांग

शाजापुर में शुक्रवार दोपहर प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिला स्तर पर संचालित पेंशन कार्यालयों को बंद करने के प्रस्ताव के खिलाफ विरोध जताया। एसोसिएशन के सदस्य कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन जिला पंचायत सीईओ अनुपमा चौहान को सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे। 1 अप्रैल 2026 से बंद करने की तैयारी
ज्ञापन में बताया गया कि मध्यप्रदेश शासन 1 अप्रैल 2026 से जिलों में संचालित पेंशन कार्यालयों को बंद करने की योजना बना रहा है। अगर यह फैसला लागू हुआ, तो सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों को पेंशन से जुड़े सभी कामों के लिए भोपाल जाना पड़ेगा। वरिष्ठ नागरिकों को होगी परेशानी
एसोसिएशन का कहना है कि दूर-दराज के जिलों से भोपाल जाना वरिष्ठ नागरिकों के लिए आसान नहीं है। यात्रा का खर्च, स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें और शारीरिक कमजोरी के कारण पेंशनर्स को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। पेंशन में देरी से बढ़ेगी आर्थिक चिंता
पेंशनर्स ने आशंका जताई कि यदि समय पर पेंशन और अन्य भुगतान नहीं मिले, तो कई लोगों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। पेंशन ही उनकी रोजमर्रा की जरूरतों और परिवार के भरण-पोषण का मुख्य सहारा है। जिला स्तर पर कार्यालय बनाए रखने की मांग
संगठन ने जनहित को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर पेंशन कार्यालयों को यथावत संचालित रखने की मांग की है। एसोसिएशन ने शासन से इस निर्णय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और पेंशनर्स के हित में उचित आदेश जारी करने का अनुरोध किया है।

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