अमृतसर| अपेंडिसाइटिस आज के समय में एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है। समय पर इलाज न मिलने पर अपेंडिक्स फट सकता है, जो जानलेवा साबित होता है। डॉ. पुंज्स आर्टेमिस हॉस्पिटल (ईएमसी हॉस्पिटल्स की यूनिट) के प्रसिद्ध जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. रजन पुंज ने बताया कि इस बीमारी को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। अपेंडिसाइटिस मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है: एक्यूट (अचानक दर्द), क्रॉनिक (लंबे समय तक हल्का दर्द) और रिकरेंट (बार-बार होने वाला दर्द)। इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं: नाभि के पास शुरू होकर पेट के निचले दाहिने हिस्से में जाने वाला तेज दर्द। उल्टी, मतली और भूख न लगना। हल्का बुखार और चलने-फिरने में तकलीफ। डॉ. रजन पुंज के अनुसार, अक्सर लोग इसे सामान्य गैस का दर्द समझकर गलती करते हैं। अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन से सटीक पहचान के बाद लेप्रोस्कोपिक अपेंडेक्टॉमी सबसे सुरक्षित विकल्प है। इस आधुनिक तकनीक में छोटे चीरे लगाकर सर्जरी की जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा कम होता है और मरीज जल्दी रिकवर होता है। डॉ. पुंज्स आर्टेमिस हॉस्पिटल में अत्याधुनिक संसाधनों के जरिए अपेंडिसाइटिस का सफल उपचार किया जा रहा है।


