भोपाल में डॉक्टरों ने 17 साल की लड़की के पेट से तरबूज के आकार का ट्यूमर निकाला है। जब इस ट्यूमर का वजन किया गया तो यह करीब 9 किलो का निकला। जिसने ओटी में मौजूद हर एक व्यक्ति को हैरान कर दिया। सर्जरी करने वाले डॉक्टरों के अनुसार, सर्जरी लेट होने से युवती की जान जा सकती थी। मरीज पेट फूलने, कम भूख लगने और निचले पेट में लगातार दर्द की शिकायत के साथ निजी अस्पताल ( सागर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल) पहुंची थी। जहां, उसका ऑपरेशन करीब 4 घंटे तक चला और इसे बेहद जटिल माना जा रहा था। पेट में बढ़ती जा रही थी परेशानी मरीज कई दिनों से पेट में भारीपन, दर्द और थकान महसूस कर रही थी। धीरे-धीरे उसका पेट असामान्य रूप से फूलने लगा था और भूख भी लगभग खत्म हो गई थी। परिजन पहले उसे कई अस्पतालों में दिखा चुके थे, लेकिन जांच में सामने आया कि ट्यूमर बहुत बड़ा है और पेट की प्रमुख नसों, आंतों और मूत्राशय के काफी पास तक फैला हुआ है। इसी वजह से कई जगह सर्जरी से इनकार कर दिया गया था, क्योंकि ऑपरेशन में जान का खतरा ज्यादा था। जांच में सामने आया कि ट्यूमर है सागर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि लड़की के पेट में तरबूज के आकार का ट्यूमर है, जो आसपास के अहम अंगों पर दबाव बना रहा है। इसी कारण उसे दर्द, भूख न लगना और कमजोरी जैसी समस्याएं हो रही थीं। स्थिति गंभीर थी, लेकिन समय पर इलाज न होता तो खतरा और बढ़ सकता था। ऑन्कोसर्जन डॉ. शुभम पांडे और उनकी टीम ने इस मुश्किल केस को चुनौती के रूप में स्वीकार किया। मरीज और उसके परिजनों को पूरी स्थिति समझाई गई और ऑपरेशन के लिए काउंसलिंग की गई। इसके बाद उन्नत तकनीक और अनुभवी टीम की मदद से सर्जरी का फैसला लिया गया। 4 घंटे चला जटिल ऑपरेशन करीब चार घंटे तक चली इस सर्जरी में डॉक्टरों ने बेहद सावधानी और धैर्य के साथ ट्यूमर को आसपास के अंगों से अलग किया। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि ट्यूमर प्रमुख रक्त वाहिकाओं और यूरेटर के बहुत पास था। जरा सी चूक जानलेवा हो सकती थी। एनेस्थिसियोलॉजी और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. माहेश कुरवे की मौजूदगी में पूरी टीम ने मिलकर बिना किसी अंग को नुकसान पहुंचाए 9 किलो से ज्यादा वजन का ट्यूमर सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। अब पूरी तरह स्वस्थ है मरीज डॉ. शुभम पांडे ने बताया कि यह सर्जरी मेडिकल रूप से बेहद जटिल थी, लेकिन टीमवर्क और सही प्लानिंग से इसे सफल बनाया गया। राहत की बात यह रही कि ऑपरेशन के दौरान मरीज के सभी अहम अंग सुरक्षित रहे। सर्जरी के बाद मरीज तेजी से रिकवर हुई और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया है और वह सामान्य जीवन जी रही है।


