केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान हेहल में दो दिवसीय आवासीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य विषय “अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा के अधिकार और जिम्मेदारी (पेसा कानून)” रहा। प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष दीपक बड़ाइक को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इसमें रांची, लोहरदगा, गुमला एवं सिमडेगा जिलों से आए दर्जनों मुखिया, ग्राम प्रधान एवं वार्ड सदस्य शामिल हुए। मास्टर ट्रेनर पंकज ठाकुर, त्रिलोकी करण, दिव्या जायसवाल एवं अजय मिश्रा ने प्रतिभागियों को पेसा कानून की बारीकियों से अवगत कराया और ग्रामसभा की सशक्त भूमिका पर चर्चा की। दीपक बड़ाइक ने कहा कि “पेसा कानून जनभागीदारी और लोकतंत्र को गांव स्तर तक सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस प्रशिक्षण से ग्रामसभा के अधिकार और जिम्मेदारियों को गहराई से समझने का अवसर मिला है। मेरा संकल्प है कि इस ज्ञान का उपयोग कर न केवल ओरमांझी बल्कि पूरे क्षेत्र की ग्राम सभाओं को जागरूक एवं सशक्त बनाने का काम करूंगा।” प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को ऐतिहासिक और उपयोगी बताते हुए कहा कि यह समाज में जन-जागरूकता और सशक्तीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।


