जयपुर | बस्सी तहसील के कानोता गांव की 71 वर्षीय विधवा जनक देवी पिछले करीब 15 वर्ष से अपनी पैतृक भूमि के लिए संघर्ष कर रही हैं। उनका आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनके पिता की जमीन को कुछ लोगों ने हड़प लिया। इसे लेकर अब मुख्यमंत्री से गुहार लगाई गई है। पीड़िता जनक देवी प|ी स्व. कैलाश चंद शर्मा का कहना है कि उनके पिता मूलचंद शर्मा के नाम दर्ज खाता संख्या नया 475 (पुराना 299) की जमीन खसरा नंबर 406 (0.4299 हेक्टेयर), 586 (0.6070 हेक्टेयर) और 681 (1.9726 हेक्टेयर) को वर्ष 1998 में षड्यंत्रपूर्वक दूसरों के नाम कर दिया गया। उनका कहना है कि फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनके पिता को निःसंतान दर्शाया गया, जबकि वह स्वयं जीवित पुत्री और वैध वारिस हैं। जनक देवी ने आरोप लगाया कि धोखाधड़ी से सात लोगों ने मिलकर उनकी जमीन अपने नाम करवा ली। इस कथित धोखाधड़ी के खिलाफ वह वर्षों से शिकायतें कर रही हैं, लेकिन हर स्तर पर उन्हें निराशा ही हाथ लगी। पीड़िता के अनुसार राष्ट्रपति सचिवालय और प्रधानमंत्री कार्यालय में भी मामले को लेकर पत्र भेजे गए है। इस संबंध में कानोता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।


