पैथोलॉजी जांच पर हर साल 200 करोड़ खर्च:हकीकत- सिर्फ स्वास्थ्य मंत्री के जिले में 100% जांच, बाकी मंत्रियों के यहां 40 फीसदी भी नहीं

प्रदेश में हर साल पैथोलॉजी जांच पर 200 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं फि​र भी सरकारी जिला अस्पतालों में नि:शुल्क जांच नहीं हो रही है। ये स्थिति उन जिलों की है, जहां से प्रदेश के 12 मंत्री आते हैं। नियमानुसार 134 टेस्ट फ्री होने चाहिए। लेकिन, जिला अस्पतालों के सिविल सर्जन ने टेस्ट की संख्या अपनी मर्जी से घटा तक दी है। कुछ जिलों में ये 120 तो कुछ में 114, 80 तक है। स्थिति इतनी बुरी है कि मंत्रियों के जिला अस्पतालों में 40 प्रतिशत टेस्ट ही नहीं हो रहे हैं। सीबीसी, थायराइड, विटामिन, लिपिड प्रोफाइल, सिकलसेल जैसी सामान्य जांच के लिए मरीजों को प्राइवेट लैब जाना पड़ रहा है। भास्कर टीम ने 12 मंत्री जिन जिलों से आते हैं वहां के जिला अस्पतालों की 15 दिन तक पड़ताल की तो चौकाने वाला सच सामने आया। ये टेस्ट नहीं हो रहे
सीबीसी, थायराइड, विटामिन डी3, बी 12 कैल्शियम की कमी, लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, सिकलसेल, लिपिड प्रोफाइल, एचबीए1सी। नारायणपुर
वन मंत्री केदार कश्यप का गृह जिला स्कोर : 14.91%
17/114 केवल किट आधारित ही जांच
जिला अस्पताल नारायणपुर की सबसे बुरी स्थिति है। यहां उपलब्ध 114 में से केवल 17 टेस्ट हो रहे हैं। मरीजों को रामकृष्ण मिशन के अस्पताल या निजी लैब भेज रहे हैं। लिवर फंक्शन टेस्ट तक नहीं हो रहा। कवर्धा
डिप्टी सीएम विजय शर्मा का गृह जिला स्कोर : 25%
20/80 एक माह से रिएजेंट खत्म
यहां भी हमर लैब है। लेकिन 80 टेस्ट उपलब्ध है। जिनमें केवल 20 टेस्ट हो रहे हैं। थायराइड की तक जांच नहीं‌ हो रही। इसके लिए भी प्राइवेट जाना पड़ रहा है। दुर्ग | शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव
का गृह जिला स्कोर : 43.83%
50/114 मनेंद्रगढ़ चिरमिरी
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी का गृह जिला अब महंगी जांचें नहीं हो रहीं
यहां हर दिन 250 से 350 तक मरीज पैथालॉजी टेस्ट के लिए आते हैं। सिकलसेल जैसी जरूरी जांचें नहीं हो रही। यहां न तो रिजेंट है। न ही तकनीकी स्टॉफ। दोगुने दाम में टेस्ट करवाना मरीजों की मजबूरी है। बेमेतरा
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल का गृह जिला
स्कोर : 57.01%
65/114 गहन जांचें नहीं हो रहीं
बेमेतरा जिला अस्पताल में निर्धारित 114 में से 65 ही टेस्ट हो पा रहे हैं। लिपिड प्रोफाइल विटामिन की कमी जैसी गहन जांचें नहीं हो पा रही है। यहां मोक्षित की सीबीसी मशीन लॉक है। रीएजेंट की सप्लाई कई महीनों से नहीं हुई। अंबिकापुर
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल का गृह जिला
पहले पूरे टेस्ट होते थे
दो साल पहले तक 120 तरह की फ्री जांच होती थी। मशीनें बंद है।अब 84 टेस्ट होते हैं। विटामिन बी 12, टोटल बिलिरुबिन आदि टेस्ट नहीं हो रहे हैं। क्योंकि मशीनें नहीं है। सीबीसी, थायराइड, लिपिड प्रोफाइल, सिकलसेल जैसी सामान्य जांच के लिए मरीज जा रहे प्राइवेट लैब स्वास्थ्य मंत्री के जिले में हो रही पूरी जांच , पर एडवांस लैब नहीं यहां जिला अस्पताल में उपलब्ध 75 तरह के टेस्ट में सारी जांचें हो रही है। लेकिन विटामिन की कमी और दूसरे गहन टेस्ट कैंसर मार्कर आदि नहीं हो रहे हैं। पड़ताल में पता चला कि यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर जिला अस्पताल बन रहा है। यहां अभी तक एडवांस लैब नहीं बन पाई है। इसके लिए प्रस्ताव गया है। बंद मशीनें शुरू करेंगे
हमने रीएजेंट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभी जो जांच में दिक्कत आ रही थी। पिछली सरकार में रीएजेंट सप्लाई को लेकर जो अनियमितताएं हुईं, उसकी वजह से टेंडर प्रक्रिया बाधित हुई थी। लेकिन अब बहुत जल्द ही हम बंद मशीनें भी शुरु करने जा रहे हैं।
श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री

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