पैराटीचर्स काल की सेवा को प्रबोधक सेवा में जोड़ें

भास्कर न्यूज| बूंदी अखिल राजस्थान प्रबोधक संघ का प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष नूतन तिवारी की अगुवाई में विधायक हरिमोहन शर्मा से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने प्रबोधकों की पुरानी सेवा की गणना की मांग को लेकर विस्तार से चर्चा की और ज्ञापन दिया। युवा कांग्रेस नेता सत्येश शर्मा भी शामिल रहे। जिलाध्यक्ष नूतन तिवारी, महामंत्री रणजीतसिंह हाड़ा, धनंजय शर्मा और कोषाध्यक्ष अशोक चोहला ने बताया कि प्रबोधक लंबे समय से समय-समय पर राज्य सरकार का ध्यान इस मांग की ओर आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रबोधक वर्ग ने वर्ष 1999 से पैराटीचर्स के रूप में नियमित सेवाएं दीं और वर्ष 2008 में प्रबोधक पद पर स्थाई नियुक्ति मिली, लेकिन इसके बावजूद पुरानी सेवा की गणना का लाभ नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि गांव, नगर, ढाणियों और कस्बों में शिक्षा की अलख जगाने वाले अनेक पात्र प्रबोधक 9, 18 और 27 के लाभ लिए बिना ही सेवानिवृत्त हो गए हैं और आगे भी कई प्रबोधक सेवानिवृत्ति के करीब हैं। हालही में राजस्थान हाईकोर्ट ने भी पूर्व सेवा की गणना मानते हुए सभी लाभ देने के आदेश दिए हैं। ऐसे में संघ की मांग है कि पैराटीचर्स काल की सेवा को प्रबोधक सेवा में जोड़ा जाए, ताकि पुरानी सेवा का वास्तविक लाभ मिल सके। विधायक हरिमोहन शर्मा ने कहा कि प्रबोधकों की लंबित मांग को बजट सत्र में पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा। राज्य सरकार से न्याय दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। इस दौरान शहर अध्यक्ष जाकिर हुसैन अंसारी, बूंदी ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, पूर्व प्रदेश प्रतिनिधि रमेश शास्त्री, महेश दाधीच, मदन जंगम, सभा अध्यक्ष दशरथ शर्मा, राजन शुक्ला, महावीर मीणा, अमरसिंह शामिल रहे।

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