पैरोल पर गया एक NDPS मामले का बंदी समय पर वापस जेल में नहीं लौटा, जिसके बाद जेल प्रशासन ने चित्तौड़गढ़ कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया हैं। बंदी को तय तारीख पर चित्तौड़गढ़ जिला जेल में सरेंडर करना था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। जेल प्रशासन ने नियमानुसार पहले उसका इंतजार किया, लेकिन जब काफी समय तक वह जेल नहीं लौटा, तब पुलिस को सूचना देकर मामला दर्ज करवाया गया। फरार बंदी को गंगरार से साल 2023 में पकड़ा था और उसके बाद उसे प्रतापगढ़ में शिफ्ट कर दिया गया था। फिलहाल बंदी की तलाश की जा रही है। गंगरार क्षेत्र से एनडीपीएस मामले में साल 2023 गिरफ्तारी हुई कोतवाली थाने के एएसआई अर्जुन लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि ब्यावर निवासी दिलीप सिंह पुत्र देवी सिंह को साल 2023 में चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार क्षेत्र से एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत चित्तौड़गढ़ जिला जेल भेजा गया, जहां वह विचाराधीन बंदी के रूप में रखा गया। आरोपी के खिलाफ मामला एनडीपीएस संख्या 1 चित्तौड़गढ़ के विशेष न्यायाधीश के न्यायालय में चल रहा था और वह कोर्ट के आदेशों के अनुसार जेल में निरुद्ध था। जेल फुल होने पर बंदी को प्रतापगढ़ शिफ्ट किया गया बताया गया कि उस समय चित्तौड़गढ़ जिला जेल में बंदियों की संख्या ज्यादा होने के कारण प्रशासन को व्यवस्था में बदलाव करना पड़ा। इसी के चलते आरोपी दिलीप सिंह को 30 नवंबर 2023 को चित्तौड़गढ़ जिला जेल से प्रतापगढ़ जिला जेल शिफ्ट कर दिया गया था। वहां रहते हुए आरोपी ने कोर्ट से अंतरिम जमानत की अपील की। अदालत ने उसकी अपील पर विचार करते हुए उसे सीमित समय के लिए पैरोल पर जाने की अनुमति दी, ताकि वह निजी कारणों से बाहर जा सके, लेकिन इसके साथ उसे तय तारीख पर वापस जेल में हाजिर होने का आदेश भी दिया गया। अंतरिम जमानत और पैरोल अवधि खत्म होने के बाद मामला उन्होंने बताया कि आरोपी को 21 नवंबर से 5 दिसंबर तक 15 दिन के लिए पैरोल दी गई थी। इसके बाद आरोपी ने हाई कोर्ट जोधपुर में याचिका दायर कर पैरोल की अवधि को 10 दिन और बढ़ाने की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए पैरोल की अंतिम तिथि 15 दिसंबर तय की गई। आदेश के अनुसार आरोपी को 16 दिसंबर को चित्तौड़गढ़ जिला जेल में सरेंडर करना था, लेकिन वह तय समय पर जेल नहीं पहुंचा। सरेंडर नहीं करने पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज हुआ जेल प्रशासन ने नियमों के अनुसार बुधवार तक आरोपी का इंतजार किया, लेकिन जब वह वापस नहीं आया तो देर शाम को उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। जेल प्रहरी सुनीता पत्नी रतनजीत की ओर से कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई, जिसमें बताया गया कि आरोपी बंदी ने पैरोल की शर्तों का उल्लंघन किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार बंदी की तलाश की जा रही है।


