पैर में गोली लगने से घायल होने पर जीएनडीएच में कराया था भर्ती, मामले में पुलिस ने साधी चुप्पी

भास्कर न्यूज | अमृतसर देहाती पुलिस की बड़ी चूक एक बार फिर सामने आई है। बीते दिनों एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तार किया गया गैंगस्टर मनी प्रिंस पुलिस की हिरासत से फरार हो गया। पैर में गोली लगने के बाद उसे इलाज के लिए अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां से वह पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। हैरानी की बात यह है कि घटना के कई घंटे बाद तक पुलिस इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे रही और न ही अब तक फरारी को लेकर कोई केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, थाना कंबो पुलिस ने 12 जनवरी को लोपोके रोड पर नाकेबंदी के दौरान मनी प्रिंस निवासी तरनतारन को मुठभेड़ में काबू किया था। आरोपी ने खुद को घिरता देख पुलिस पार्टी पर 3 फायर किए थे। जवाबी कार्रवाई में घायल हो गया था। वीरवार दोपहर को इलाज के दौरान ही मनी प्रिंस पुलिस पहरे को चकमा देकर जीएनडीएच से फरार हो गया। सूत्रों के अनुसार अस्पताल में तैनात पुलिस कर्मियों की संख्या सीमित थी और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरती गई। इसी का फायदा उठाकर आरोपी भाग निकला। घटना के बाद जिले में नाकेबंदी तो की गई, लेकिन देर रात तक आरोपी का कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस को इनपुट मिला था कि मनी प्रिंस किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इसी सूचना पर लोपोके रोड पर नाकेबंदी की थी, जहां एनकाउंटर हुआ। मनी प्रिंस के खिलाफ लूटपाट के 2 मामले दर्ज हैं। एक मामले में उसने तरनतारन में एक सरपंच की कार और पिस्टल लूट ली थी, जबकि दूसरा मामला सुल्तानविंड इलाके में कार स्नैचिंग का है। ऐसे में एक हिस्ट्रीशीटर गैंगस्टर का पुलिस हिरासत से फरार होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

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