रांची के बिल्डर अभय आनंद पैसे डबल करने के चक्कर में अपराधियों के झांसे में आकर 65 लाख रुपए गंवा बैठे। अपराधियों ने उन्हें 65 लाख रुपए आरटीजीएस करने के एवज में एक करोड़ 30 लाख रुपए देने का झांसा दिया था। इस झांसे में आकर उन्होंने अपने बॉस रांची के ही रहने वाले अशोक ओहदार के जरिए उक्त रुपए आरटीजीएस करवाया था। मामले में चास मु. पुलिस ने दो आरोपियों जामताड़ा के मिहिजाम थाना क्षेत्र स्थित घासी पहाड़ी निवासी नरेश मंडल व जामताड़ा के ही नव कॉलोनी पोखर टोला निवासी अमित साव को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनसे 7 लाख रुपए बरामद किए हैं। साथ ही एक अन्य आरोपी रितिक सिंह के घर से 27 लाख रुपए बरामद किए गए। यह जानकारी शुक्रवार को बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि पीड़ित अभय आनंद व अशोक ओहदार साथ मिलकर जमीन का काम करते हैं। अभय और उनके मित्र रांची निवासी दिलीप तिवारी, सचिन सिंह व मनींद्र कुमार के कहने पर अशोक ओहदार ने अपराधी अमित साव के फर्जी कंपनी के बैंक खाता में आरटीजीएस के जरिए 65 लाख रुपए डाला गया था। धनबाद में की गई थी ठगने की साजिश बिल्डर अभय रुपए डबल करके देने का झांसा मिलने पर वह अपने मित्र दिलीप, पीयूष सहित पांच सहयोगियों के साथ 18 जुलाई को धनबाद बस स्टैंड पहुंचे थे। वहीं उनकी मुलाकात बिहार के लखीसराय निवासी सुदर्शन कुमार उर्फ बंटी सिंह उर्फ पाठक, रितिक कुमार उर्फ अमित व विक्की खान उर्फ जेके के साथ हुई। यहां से सभी कुमारडुबी मोड़ स्थित शशिभूषण उर्फ मनोज के किराए के आवास में पहुंचे। अपराधियों ने बिल्डर से 65 लाख रुपए लेने के बाद उन्हें दो फलों की पेटी दिखाया गया, जिसमें बताया गया कि 1.30 करोड़ रुपए हैं। रुपए आरटीजीएस होते ही आपको उक्त रुपए दे दिए जाएंगे। पुलिस ने बताया कि जबकि फलों के पेटी के ऊपरी भाग में दो-तीन नोटों का बंडल बाकी कागज भरे थे।


