पुणे पोर्श हिट-एंड-रन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तीन आरोपियों आदित्य सूद, आशीष मित्तल और अमर गायकवाड़ को जमानत दे दी है। इन तीनों पर ब्लड सैंपल बदलने और नाबालिग आरोपी को बचाने का आरोप था। यह मामला 19 मई 2024 को हुई घटना से जुड़ा है। यह घटना 19 मई 2024 को पुणे में हुई थी, जब एक नाबालिग तेज रफ्तार पोर्श कार चला रहा था। कार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे उमरिया के बिरसिंहपुर पाली निवासी अनीश अवधिया और जबलपुर की एक युवती की मौत हो गई थी। यह मामला काफी चर्चित और हाई-प्रोफाइल रहा है। पुणे पुलिस ने इस मामले में ब्लड सैंपल बदलने और आरोपियों को बचाने के आरोप में नाबालिग के साथ तीन अन्य युवकों पर मामला दर्ज किया था। आदित्य सूद, आशीष मित्तल और अमर गायकवाड़ को इसी आरोप में न्यायिक हिरासत में लिया गया था। परिजन बोले- निराशा हुई सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने की खबर अनीश अवधिया के परिवारजनों को मिली है। परिवार ने इस फैसले पर निराशा व्यक्त की है। अनीश के दादाजी आत्माराम अवधिया ने कहा कि उन्हें तीनों आरोपियों की जमानत की जानकारी मिली है और सुप्रीम कोर्ट को पुणे मामले को संज्ञान में लेकर आरोपियों की जमानत रद्द करनी चाहिए थी। आत्माराम अवधिया ने यह भी कहा कि आरोपियों की जमानत से समाज में अच्छा संदेश नहीं गया है। वहीं, अनीश के पिता ओम अवधिया ने बताया कि उनके बेटे की मौत के आरोपियों को जमानत मिलना उनके लिए दुखद खबर है। अब बेटे को न्याय कैसे मिलेगा। उन्होंने इस मामले में जमानत नहीं मिलने की बात कही।


