भास्कर न्यूज | जशपुरनगर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह और कन्या महाविद्यालय में महिला सशक्तिकरण के बारे में था। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित पोषण माह में गर्भवती माताओं, बच्चों और अभिभावकों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यकर्ताओं ने व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, और एनीमिया मुक्त भारत अभियान के बारे में जानकारी प्रदान की। इसके साथ ही, नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया। इसके अलावा, जिन बच्चों और माताओं के आधार कार्ड नहीं बने थे, उन्हें आधार कार्ड बनवाने और अपडेट कराने के लिए प्रेरित किया गया। एकीकृत बाल विकास परियोजना तपकरा-2 के अंतर्गत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण मेला आयोजित किया गया, जिसमें गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं, बच्चों और ग्रामीणों ने भाग लिया। इस मेले में पौष्टिक भोजन, स्वच्छता, एनीमिया रोकथाम, डायरिया प्रबंधन, स्वच्छ पेयजल और रेडी-टू-ईट के विभिन्न व्यंजनों को बनाने की जानकारी दी गई। साथ ही, बच्चों और माताओं का वजन और ऊंचाई भी मापी गई, ताकि उनकी सेहत की सही स्थिति का आकलन किया जा सके।


