हिंदी के प्रति लोगों की मानसिकता में बदलाव पर आधारित नाटक का मंचन

भास्कर न्यूज | दुर्गूकोंदल शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मेडो में हिंदी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ तृप्ति गजभिए की सरस्वती वंदना से हुआ। प्राथमिक वर्ग के बच्चों ने हिंदी वर्ण और विराम चिन्हों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों ने हिंदी बीमार है शीर्षक से लघु नाटिका और कक्षा 12वीं ने हिंदी के प्रति लोगों की मानसिकता में बदलाव पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया। वहीं कक्षा 9वीं की बालिकाओं का आकर्षक नृत्य दर्शकों को खूब भाया। हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। व्याख्याता मधुलता चंद्राकर ने हिंदी की वैश्विक पहचान पर प्रकाश डाला, जबकि सूत्रधार सरस्वती कोमरा ने इसे भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताया। प्राचार्य हेमंत कुमार श्रीवास्तव ने कहा किसी भी देश की समृद्धि उसकी भाषा में झलकती है। हिंदी संस्कृत की वंशज है और भारत की एकता व विविधता की प्रतीक है। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। आयोजन में मेघनाथ कांगे, सुरेश नाग, मधुलता चंद्राकर, अनिल साहू, भागीरथी बोगा, नितेश चंद्राकर, डोमेश्वर साहू, मेर सिंह कोमरा, नंदू दुग्गा, गिरजा शंकर सिन्हा, आकाश यदु, सावित्री मंडल, शारदा सिन्हा, केसर सिन्हा आदि उपस्थित थे।

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