राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले युवा दिवस पर सोमवार को रांची पहुंचे। वे रांची में सामाजिक सद्भाव की बैठक में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न संगठनों, जाति-बिरादरी एवं समुदायों के 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में होसबोले ने खुल कर विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने धर्मांतरण पर कहा कि प्रकृति पूजक आदिवासियों का एक साजिश के तहत धर्मांतरण कराया जा रहा है। चर्च गरीबी, अशिक्षा एवं अंधविश्वास को कारण बनाकर यह धर्मांतरण करा रहा है। उन्होंने इसके पीछे जनजातीय क्षेत्रों में तथाकथित 3-डी समस्या को कारण बताया। 3-डी को उन्होंने धर्मांतरण, डीजे संस्कृति और दारू बताया। होसबोले ने कहा कि इससे बचने के लिए समाज में परस्पर सहयोग, छुआछूत एवं जातिगत भेदभाव से दूरी, ऊंच-नीच की भावना त्यागने तथा हिंदू समाज की जनसंख्या सुदृढ़ करने की आवश्यकता की बातें कही। उन्होंने उन्होंने घर-वापसी के प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि धर्मजागरण समाज का कार्य है, जिसे समाज को स्वयं करना होगा। आज सोशल मीडिया सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार के कंटेंट से भरा हुआ है। बच्चों को इसके नकारात्मक प्रभावों से बचाने के लिए उन्हें भारतीय संस्कृति से जोड़ना आवश्यक है। बैठक में धर्मांतरण, घुसपैठ, नशाखोरी, अशिक्षा, अंधविश्वास, परस्पर सहयोग की कमी, बाल-विवाह, लव-जिहाद जैसी गंभीर समस्याओं पर चर्चा किया गया।


