भास्कर न्यूज | कोरबा/रामपुर परंपरागत वनौषधि प्रशिक्षित वैद्य संघ ने प्राकृतिक कृषि केंद्र जीबीवीएस ऑफिस नवापारा करतला में संगोष्ठी का आयोजन किया। मुख्य अतिथि नाबार्ड के डीडीएम एसके प्रधान थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वैद्य लोमेश कुमार बच्छ ने की। संगोष्ठी में परंपरागत वनौषधि वैद्यों के ज्ञानों का संकलन, औषधीय खेती, वनौषधी के संरक्षण और संवर्धन पर चर्चा की गई। वैद्य बच्छ ने कहा की प्रकृति के सानिध्य में रहना ही रोगों से बचाव है। प्रतिष्ठित वैद्यों ने भी अपने अनुभव को साझा किया। नाबार्ड के डीडीएम प्रधान ने कहा कि स्थानीय परंपरागत वैद्य लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने नाबार्ड से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। जीबीवीएस के अध्यक्ष सूर्यकांत सौलाखे ने कहा कि करतला ब्लॉक में नाबार्ड जीवा परियोजना के माध्यम से भूमि सुधार और प्राकृतिक खेती के साथ ही आर्थिक विकास से किसानों की जीवन में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है । क्षेत्र में औषधिय खेती की अपार संभावना है। सभी वैद्य को अपने-अपने क्षेत्र में औषधीय पौधों की खेती और प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रेरित किया। वैद्य तिलक राम कैवर्त ने संगठन में सभी स्थानीय परंपरागत वैद्यों को जोड़ने और वैद्यकीय ज्ञान का संकलन करने पर जोर दिया। संगठन को मजबूती प्रदान करने संघ की कार्यकारिणी की विस्तार और पदाधिकारी का चयन भी सर्वसम्मति से किया गया। सभी ने वनौषधी के संरक्षण, संवर्धन करने संकल्प लिया। वैद्य विष्णु कश्यप ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व सरपंच साधराम राठिया, उप सरपंच दिला दास महंत, वनस्पति वैज्ञानिक दिनेश दीक्षित, वैद्य सुमेन्द राम, वैद्य त्रिभुवन सिंह कंवर, वीरेंद्र बच्छ, सत्यवान श्रीवास, अर्जुन श्रीवास, लीला प्रसाद अगरिया, दयाराम कुम्हार, देवनारायण मांझी, शेख रफीक, समार सिंह, द्वारिका ध्रुव, केशव प्रसाद नायक, महावीर प्रसाद, डालेश्वर कश्यप, दिनेश तिवारी मौजूद रहे।


