जनप्रतिनिधियों एवं सैकड़ों ग्रामीणों द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ मंंगलवार को प्रखंड व अंचल कार्यालय का घेराव-प्रदर्शन किया गया। इससे पूर्व नामकुम बाजार चौक पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जुटे। सभी कोई हाथ में तख्तियां लिए पैदल ही सदाबहार चौक होते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रखंड कार्यालय परिसर पहुंचे। वहां पहुंचकर जनप्रतिनिधियों ने आक्रोशपूर्ण भाषण दिया। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि प्रखंड व अंचल में भ्रष्टाचार इतना ज्यादा व्याप्त है कि बिना पैसे के कोई काम होता ही नहीं है। भोले-भाले ग्रामीण परेशान होकर थक जाते हैं। प्रखंड सह अंचल कार्यालय द्वारा जनप्रतिनिधियों के सम्मान की बात तो दूर उनके द्वारा दिए गए जनता की समस्या का समाधान में भी अधिकारियों की रूचि नहीं रहती है। कुछ घंटों के बाद मौके पर सीओ एवं बीडीओ पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने एक मांग पत्र सौंपा। मौके पर आरती कुजूर, मुखिया पुष्पा तिर्की, पूर्व मुखिया रितेश उरांव, अन्नु तिवारी, कार्मेला कच्छप, अजय मुंडा, विनिता कच्छप, सुमित्रा देवी सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे। ये है मांगें : कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए। ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त मकान के मुआवजा का भुगतान अविलंब कराने, परमिशन एवं म्यूटेशन के नाम पर अवैध वसूली बंद किया करने, ऑनलाइन के नाम पर गरीबों से अवैध वसूली पर रोक लगाने, ग्रामसभा की सहमति के बगैर जमीन की खरीद-बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाने, जाति, आवासीय, आय, जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने में परेशानी न हो।


