प्रतापगढ़ में पुलिस द्वारा की गई एक कथित फर्जी गिरफ्तारी का मामला सामने आया है। भूतपूर्व सैनिक शंकरलाल काठान ने कोतवाली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने उनकी लाइसेंसी पिस्टल को जब्त कर एक अन्य व्यक्ति फैजल को फंसाने में इस्तेमाल किया। मामले के अनुसार, शंकरलाल जो उदयपुर सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से प्रतापगढ़ में रोकर माइन एंड मिनरल फर्म में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत हैं, को 7 जनवरी को कोतवाली थाने में बुलाया गया। वहां उनके दोनों हथियार-एक पिस्टल और एक 12 बोर बंदूक जब्त कर ली गई। अगले दिन 8 जनवरी को पुलिस ने फैजल नामक व्यक्ति को शंकरलाल की पिस्टल के साथ डाक बंगला रोड से गिरफ्तार करने का दावा किया। शंकरलाल का आरोप है कि फैजल 7 जनवरी को ही अपने वकील फिरोज खान के साथ थाने में मौजूद था और पुलिस ने पूरी रात उसे हिरासत में रखा। फिर अगले दिन झूठी गिरफ्तारी दिखाई गई। 9 जनवरी को पुलिस ने शंकरलाल को उनका लाइसेंस, दस्तावेज और केवल 12 बोर बंदूक वापस की, लेकिन पिस्टल वापस नहीं की गई। इस मामले में भूतपूर्व सैनिक ने मुख्यमंत्री, आईजी और कलेक्टर सहित उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोतवाल दीपक बंजारा की देखरेख में उन्हें बिना किसी कारण के 72 घंटे तक थाने में बैठाए रखा गया, जबकि उनके हथियारों के सभी दस्तावेज पहले की जांच में सही पाए गए थे। पुलिस ने किया सभी आरोपों से इनकार थानाधिकारी दीपक बंजारा ने कहा- मामले में थाना अधिकारी दीपक बंजारा का कहना है फौजी द्वारा लगाए गए आरोप निराधार व्यक्ति एक और हथियार दो कैसे संभव हो सकता है। रही बात जिस दुकान के बाहर से वह सीसीटीवी कैमरे पुलिस द्वारा खोलकर लाने की कह रहा है वह कार्रवाई हमने अगले दिन जांच के स्तर पर की है। हमने सिक्योरिटी एजेंसी से भी जानकारी मांगी है।


