छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामले के बाद सरकार ने प्रतिबंधित कोल्ड कफ सिरप का ब्योरा तलब किया है। साथ ही फिक्स डोज कॉम्बीनेशन (एफडीसी) दवाओं की पड़ताल भी सोमवार से शुरू हो गई है। सतना और मैहर की ड्रग इंस्पेक्टर प्रियंका चौबे ने थोक और फुटकर दवा कारोबारियों से कोल्डरिफ सिरप के स्टॉक, खरीद फर्म, परचेज बिल और बिक्री की जानकारी मांगी है। यह जानकारी कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी। ड्रग इंस्पेक्टर ने चेतावनी दी है कि यदि यह दवाई किसी मरीज को बेची गई है, तो उसके परिजनों से संपर्क कर दवाई का सेवन न करने को कहा जाए और उसे वापस मंगाया जाए। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने क्लोर्फेनिरामाइन मेलीएट 2 मिलीग्राम और फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड 5 मिलीग्राम फार्मूला वाले सभी एफडीसी उत्पादों के उपयोग पर दिशानिर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि 4 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इन दवाओं का उपयोग न करने की चेतावनी लेबल पर लिखी जाए। इन दवाओं की बिक्री केवल रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर के पर्चे पर ही की जाएगी। यदि यह दवा 4 वर्ष से कम आयु के बच्चे के लिए पर्चे पर अंकित है, तो मरीज के परिजनों को दवा देने से पहले रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर से दोबारा परामर्श लेना होगा। सीएमएचओ डॉ. एलके तिवारी ने बताया कि यदि दवा के लेबल पर उपरोक्त चेतावनी का उल्लेख नहीं होगा, तो ऐसे सभी उत्पादों की बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद कराई जाएगी और उन्हें जब्त किया जाएगा।इसके लिए औषधि निरीक्षक सोमवार से शिशु रोग विशेषज्ञों के आसपास स्थित मेडिकल स्टोरों में स्टॉक का परीक्षण करेंगी।


