भास्कर न्यूज | अमृतसर बरनाला में सफाई सेवकों पर लाठीचार्ज के विरोध में वीरवार को शहर पूरी तरह बंद रहा। दुकानदारों ने बंद का सहयोग करते दुकानें सुबह से ही बंद रखीं। इक्का दुक्का खुली दुकानों को प्रदर्शनकारियों ने बंद करवा दिया। सुबह 9 से शाम 4 बजे तक पेट्रोल पंप, दुकानें, बाजार बंद रहे। वहीं मेडिकल स्टोर, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज खुले रहे। पुलिस ने हॉल गेट, बस स्टैंड और भंडारी पुल को आने-जाने वाले सभी रास्तों में बेरिकेड और रस्सियां लगाकर बंद रखा था। भंडारी पुल पर लोगों को पैदल ही गुजरना पड़ा। भंडारी पुल पर संत और वाल्मीकि समाज के लोगों ने सरकार और बरनाला के डीएसपी-एसएचओ के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। बंद दौरान शहर के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। फ्रूट और सब्जी की रेहड़ियां भी बाजार में कम ही नजर आई। शहर के कर्मों ड्योढ़ी, गुरु बाजार, टाहली साहिब बाजार, कटड़ा जैमल सिंह, शास्त्री मार्केट, हाल बाजार, रामबाग, बस स्टैंड, घी मंडी, सुल्तानविंड, पिंक प्लाजा, दुर्ग्याणा तीर्थ, हाथी गेट, लोहगढ़ गेट, लाहोरी गेट, खजाना गेट, पुतलीघर बाजार, छेहर्टा, खंडवाला, छेहर्टा प्रताप बाजार समेत शहर के सभी बाजार और गलियों की दुकानें भी बंद रही। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर 31 जुलाई तक उनकी सभी मांगें मान लेती है तो ठीक नहीं तो भंडारी पुल पर समाज के लोग मरण व्रत पर बैठेंगे। जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा तब तक पीछे नहीं हटेंगे। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। श्री धुना साहिब गद्दी नशीन महंत मलकीत नाथ,पावन वाल्मीकि तीर्थ स्थल एक्शन कमेटी चेयरमैन कुमार दर्शन, प्रधान शशि गिल, पवन द्रविड, शक्ति कल्याण ने सरकार को कोसा। भंडारी पुल पर वाल्मीकि समाज के धरना-प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब 20 से 25 युवक बाइकों पर सवार होकर तेजधार हथियार लेकर पहुंच गए। ये युवक प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आए थे, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर हथियार लहराने से पुलिस तुरंत हरकत में आई। एडीसीपी हरपाल सिंह ने कहा कि जैसे ही उनकी नजर उन पर पड़ी तो उसी वक्त तेजधार हथियारों को हटवाया गया। सख्ती से उन्हें निर्देश दिया गया कि धरना शांतिपूर्वक किया जाए। प्रदर्शनकारी युवक खुली दुकानों को बंद करवाने के लिए बाइकों पर सवार होकर जाने वाले थे लेकिन उन्हें रोक दिया गया क्योंकि दुकानें पहले से बंद थी। इसके अलावा दोपहिया वाहनों में 3-3 युवा सवार होकर हुल्लड़बाजी करते नजर आए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैंक भी बंद करवाए और रेहड़ी वालों को भी काम बंद रखने को कहा। भंडारी पुल की ओर जाने वाले रास्ते में की गई बेरिकेडिंग। भंडारी पुल पर रोष प्रदर्शन में कांग्रेस, अकाली, भाजपा, मसीह भाईचारे समेत कई संगठनों के लोग आए। पूर्व उपमुख्यमंत्री ओम प्रकाश सोनी, पार्षद विकास सोनी, सीनियर कांग्रेसी नेता जोगिंदर पाल ढींगरा, मसीह भाईचारे से डॉ. सुभाष थोबा, जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान मिट्ठू मदान, पूर्व पार्षद महेश खन्ना, पूर्व डिप्टी मेयर यूनुस कुमार, कांग्रेस के पूर्व जिला शहरी प्रधान अश्वनी पप्पू धरने पर पहुंचकर पंजाब सरकार को कोसने में कोई कसर नहीं छोड़ी।


