भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने लंबे इंतजार के बाद प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है, लेकिन इसमें भरतपुर, डीग सहित संभाग के जिले धौलपुर और करौली के किसी नेता और कार्यकर्ता का नाम नहीं है, जबकि भाजपा का पूर्वी राजस्थान हमेशा से गढ़ रहा है। इसलिए लंबे अरसे से भी भरतपुर, डीग और धौलपुर जिले के नेताओं को कार्यकारिणी में प्रतिनिधित्व मिलता रहा है।
पिछले दो दशक से भरतपुर के नेता संगठन में काफी मजबूत पोजिशन में रहे हैं। मसलन, मौजूदा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक बार प्रदेश उपाध्यक्ष और तीन बार लगातार प्रदेश महामंत्री रहे हैं। इसके अलावा पूर्व मंत्री डॉ. दिगंबरसिंह भी प्रदेश उपाध्यक्ष रहे हैं। इसके अलावा गिरधारी तिवारी प्रदेश मंत्री और शैलेष कौशिक प्रदेश प्रवक्ता रहे हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष भानुप्रताप राजावत, मौजूदा जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा भी प्रदेश कार्यकारिणी में रह चुकी हैं। पार्टी के शुरुआती दौर में गुलराज गोपाल, चंद्रशेखर अग्रवाल, निरंजनसिंह लवानिया, अमरनाथ भगत, रामकुमार मल्होत्रा आदि भी पार्टी के महत्वपूर्ण पदों पर रहते आए हैं। किंतु इस बार भरतपुर, डीग, धाैलपुर के किसी नेता का नाम प्रदेश कार्यकारिणी में नहीं हाेना चर्चा में है। नवगठित जिले डीग को भी नहीं मिली तवज्जो प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रदेश कार्यकारिणी घोषित की, जिसमें 34 नियुक्तियां की गई हैं। खास बात ये है कि भरतपुर से हमेशा प्रदेश कारिणी में भरतपुर से प्रतिनिधित्व मिलता रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि करीब 20 साल से लगातार कोई न कोई भरतपुर से प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल होते रहे हैं। प्रदेश की कार्यकारिणी में 18 सामान्य वर्ग, 10 ओबीसी, 5 एससी-एसटी, 1 अल्पसंख्यक वर्ग से शामिल किया है। भाजपा में संगठनात्मक दृष्टि से 44 जिले हैं, लेकिन नई कार्यकारिणी में इनमें से केवल 18 जिलों को ही प्रतिनिधित्व मिला है। कार्यकारिणी में 13 नेता जयपुर और जयपुर देहात से शामिल किए गए हैं। उसके बाद बीकानेर से 4, हनुमानगढ़ और अजमेर से 2-2, चूरू, नागौर, सिरोही, सवाई माधोपुर, सीकर, झुंझुनूं, पाली, कोटा, बांसवाड़ा, दौसा और उदयपुर से 1-1 नेता को जगह मिली है। भरतपुर संभाग की बात करें तो भरतपुर, धौलपुर व करौली जिले से एक भी नेता को नहीं लिया गया है, केवल सवाई माधोपुर जिले से सीताराम पोसवाल को मंत्री पद मिला है। हालांकि डीग जिले के रूप में संगठन में नहीं है लेकिन नया जिला बनने के बाद भरतपुर संभाग में शामिल है, यहां से भी किसी को कार्यकारिणी में तवज्जो नहीं दी गई। कार्यकारिणी में पूर्वी राजस्थान और शेखावाटी का प्रतिनिधित्व कम…
बीजेपी को विधानसभा और लोकसभा चुनावों में सबसे ज्यादा नुकसान पूर्वी राजस्थान और शेखावाटी अंचल में हुआ था। लोकसभा चुनावों में बीजेपी जिन 11 सीटों पर चुनाव हारी है, उनमें से 7 सीटें इन्हीं दोनों क्षेत्रों से आती हैं। लेकिन उसके बाद भी नई टीम में पूर्वी राजस्थान से केवल दो सदस्यों को जगह मिली है। इसी तरह से शेखावाटी अंचल से भी केवल 2 लोगों को शामिल किया गया है। सीकर से श्रवण बगड़ी को कार्यकारिणी में जगह मिली है, लेकिन लोकसभा चुनावों में वे जयपुर ग्रामीण से टिकट मांग रहे थे। वहीं, झुंझुनूं जिले से मुकेश दाधीच को शामिल किया गया है, लेकिन झुंझुनूं में उनका कोई खास जनाधार नहीं है। वे विद्याधर नगर विधानसभा से आते हैं।


