प्रदेश के कॉलेज छात्रों को राहत:तीसरे या 5वें सेमेस्टर में छात्र बदल सकेंगे कॉलेज, प्राइवेट से रेगुलर भी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत पढ़ाई से बीए, बीकॉम और बीएससी के विद्यार्थी अब तीसरे या पांचवे सेमेस्टर में अपना कॉलेज बदल सकते हैं। साथ ही चाहें तो स्वाध्यायी से नियमित और नियमित से स्वाध्यायी छात्र के रूप में भी आगे के सेमेस्टर की पढ़ाई कर सकते हैं। ये आदेश केंद्रीय को छोड़ प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में लागू होगा। दरअसल, पिछले दिनों हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय और निजी महाविद्यालयों में तीसरे सेमेस्टर में पढ़ने वाले कई विद्यार्थियों ने तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा का फॉर्म जमा किया था। कई छात्र-छात्राओं ने अपना कॉलेज और जिला दोनों बदल लिया था। वहीं कई विद्यार्थियों ने अपने प्रवेश का क्रम नियमित से स्वाध्यायी और स्वाध्यायी से नियमित कर दिया था। इसकी वजह से विश्वविद्यालय को काफी परेशानी हो रही थी। वहीं आए दिन परीक्षा और गोपनीय विभाग में विद्यार्थियों की कतारें लगी रहती थी। इसे देखते हुए विवि ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कॉलेज और प्रवेश क्रम परिवर्तन के संबंध में उच्च शिक्षा विभाग से मार्गदर्शन मांगा था। शिक्षा सत्र 2024-25 में हेमचंद विवि से संबद्ध शासकीय-निजी महाविद्यालयों के करीब 12 हजार छात्र-छात्राओ‌ं ने प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा स्वाध्यायी छात्र के रूप में दी थी। पास होने के बाद छात्र-छात्राओं ने शिक्षा सत्र 2025-26 में तीसरे सेमेस्टर में नियमित या स्वाध्यायी छात्र क के रूप में कॉलेजों में प्रवेश लिया है। लेकिन दस्तावेजों में नियमित को स्वाध्यायी और स्वाध्यायी को नियमित बताया जा रहा है। कुछ ने जहां पहले और दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा दी है, उसके स्थान पर दूसरे जिले और दूसरे कॉलेजों में प्रवेश लिया है। उनके वैकल्पिक कोर्स और अतिरिक्त कॅरिकुलम के विषय भी अलग-अलग हैं। पुराने और नए कॉलेजों में संचालित वीसीए और एक्सट्रा कॅरिकुलम सब्जेक्ट मैच नहीं हो रहे हैं। इससे विश्वविद्यालय की भी परेशानी बढ़ गई थी। उनके नतीजे बनाने और क्रेडिट नंबर तय करने में भी दिक्कतें हो रही थी। कॉलेज बदलने के लिए तीसरे सेमेस्टर में 40 और पांचवें में 80 क्रेडिट अंक जरूरी
– नियमित विद्यार्थी तीसरे या पांचवे सेमेस्टर में विश्वविद्यालय से संबद्ध किसी भी महाविद्यालय में प्रवेश ले सकेंगे, बशर्ते पिछले सेमेस्टर के सभी विषयों में पास होना अनिवार्य होगा। यानी तीसरे सेमेस्टर में कॉलेज बदलने के लिए प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर में कुल 40 क्रेडिट तथा पांचवे सेमेस्टर में कॉलेज बदलने के लिए प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के कुल 80 क्रेडिट अर्जित करना अनिवार्य होगा। स्वाध्यायी छात्रों को कॉलेज का आवंटन विश्वविद्यालय करेगा। नियमित छात्रों के लिए 20 क्रेडिट अंक अनिवार्य, प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर पास होना जरूरी
तीसरे या पांचवे सेमेस्टर में कॉलेज या प्रवेश क्रम बदलने के लिए नियमित को पिछली कक्षाओं में कम से कम 20 क्रेडिट अंक अर्जित करना होगा। यानी प्रथम और दूसरे सेमेस्टर में न्यूनतम क्रेडिट अंक होने पर तीसरे सेमेस्टर में और तीसरे और चौथे सेमेस्टर में कम से कम 20 क्रेडिट अंक और प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर के सभी विषयों में पास होना अनिवार्य होगा। नियमित से प्राइइवे होने के लिए पंजीयन व आवेदन संबंधित निर्णय विवि लेगा। स्वाध्यायी से नियमित होने के लिए पिछली कक्षा पास होना और 40 क्रेडिट अंक जरूरी
स्वाध्यायी विद्यार्थी तृतीय या पंचम सेमेस्टर से नियमित विद्यार्थी के रूप में पढ़ सकता है, बशर्ते पिछले सेमेस्टर के सभी विषयों में उन्हें पास होना अनिवार्य होगा। यानी तृतीय सेमेस्टर में पंजीयन के लिए प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के कुल 40 क्रेडिट अर्जित करना होगा। पांचवे सेमेस्टर में पंजीयन के लिए प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर में 80 क्रेडिट अंक अर्जित करना अनिवार्य है। अध्ययनमंडल की बैठक में लिया फैसला
^संचालक, उच्च शिक्षा संचालनालय संतोष कुमार देवांगन से कॉलेज और प्रवेश क्रम परिवर्तन के संबंध में मार्गदर्शन मिला है। इसमें कुछ शर्तेें हैं, जिसका प्राचार्यों और विद्यार्थियों को पालन करना होगा। इससे विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी। इसे लागू करने के लिए अध्ययनमंडल की बैठक में फैसला किया गया है। इसके अनुसार नियमों का पालन करते हुए छात्र कॉलेज बदल सकेंगे।
-भूपेंद्र कुलदीप, कुलसचिव हेमचंद यादव विश्वविद्यालय

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