प्रदेश के 6 लाख नियमित, अनियमित कर्मचारी और पेंशनर विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन करने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी -अधिकारी फेडरेशन की ओर से बताया गया है कि पहले वे 16 जुलाई को रैलियां निकालेंगे। फिर 22 अगस्त को सामूहिक अवकाश लेकर काम बंद करेंगे। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा और राजेश चटर्जी ने बताया कि प्रमुख मांगों में केंद्र के समान डीए, 2019 से लंबित डीए एरियर्स का भुगतान, वेतन विसंगति की पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक करना, चार स्तरीय 8,16,24 व 30 वर्ष में पदोन्नत समयमान वेतनमान, शिक्षकों व सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान, केशलैस मेडिकल सुविधा, अनुकंपा नियुक्ति बगैर शर्त लागू हो, 300 दिनों के अवकाश का नगदीकरण, एनपीएस खाते में कटौती तिथि से गणना, पूर्ण पेंशन का पात्रता तय हो, विभागों का सेटअप पुनरीक्षण, सेवानिवृत्ति 65 साल हो, दैनिक वेतनभोगी का नियमितीकरण हो। अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन जारी रखेंगे।


