किरणदेव सिंह फिर से छत्तीसगढ़ भाजपा के अध्यक्ष चुने गए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश अध्यक्ष चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े ने प्रदेश कार्यालय में देव के प्रदेश अध्यक्ष बनने का ऐलान किया। देव ने अध्यक्ष बनते ही कहा कि नगरीय निकाय और त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव हमारे कार्यकर्ताओं को नेतृत्वकर्ता बनाने का चुनाव है। इसलिए इसी समन्वय के साथ काम करते हुए पंचायत से पार्लियामेंट तक भाजपा का परचम लहराने के लिए सभी कटिबद्ध हों। ऐलान के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन, पर्यवेक्षक गजेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा मौजूद थे। तावड़े ने इस दौरान राष्ट्रीय परिषद के लिए सीएम विष्णु देव साय, अरुण साव, विजय शर्मा, बृजमोहन अग्रवाल समेत 17 सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए वोट करेंगे। इससे पहले, गुरुवार रात को ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके लिए चुनाव अधिकारी बनाए गए खूबचंद पारख ने बताया कि 3 सेट में नामांकन आए हैं। तीनों में किरणदेव सिंह का ही नाम था। मंत्रिमंडल के लिए अब किसी और नाम पर विचार किया जाएगा किरण देव की दोबारा प्रदेश अध्यक्ष की ताजपोशी के साथ ही यह तय हो गया है कि उन्हें अब मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलेगी। पिछले कई दिनों से चल रही चर्चा में यह कहा जा रहा था कि किरण देव को विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल में लिया जा सकता है। उनके साथ अमर अग्रवाल, गजेंद्र यादव और अजय चंद्राकर के नाम भी लिए जा रहे थे। अब किरणदेव संगठन में ही बने रहेंगे। ऐसे में उक्त तीन नामों के साथ बस्तर से किसी और नेता का नाम लिया जा सकता है। सरगुजा की तुलना में बस्तर को मंत्रिमंडल में अभी कम जगह मिली है। इस कारण इस संभावना पर भी विचार किया जा सकता है कि बस्तर से किसी और को सरकार में लिया जा सकता है। इसी प्रकार रायपुर और बिलासपुर से एक-एक नाम मंत्रिमंडल में लिए जाने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद से ही इस तरह की चर्चा होती रही है। प्रदेश का चयन होने के बाद मंत्रिमंडल के नामों को फाइनल करने में आसानी हो सकती है।


