छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बीजापुर जिले में हुई मुठभेड़ में जवानों ने 12 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया है। इनमें 5 महिला व 7 पुरूष नक्सली शामिल हैं। 72 घंटे चले ऑपरेशन के दौरान गुरुवार को 13 घंटे चले मुठभेड़ में जवानों को ये कामयाबी मिली है। नए साल के पहले ऑपरेशन में नक्सलियों के शव समेत बड़े पैमाने पर हथियार, गोला-बारूद व सामान बरामद किया गया। पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि बड़े कैडर के नक्सलियों की मौजूदगी की खबर पर तीन जिलों की फोर्स के साथ मिलकर बड़ा ऑपरेशन लॉन्च किया गया। बीजापुर जिले के उसूर क्षेत्र में चलाए गए इस ऑपरेशन में सुकमा, बीजापुर व दंतेवाड़ा जिलों की डीआरजी के साथ सीआरपीएफ व कोबरा की संयुक्त पार्टी के करीब 1500 जवान शामिल थे। नए साल की शुरूआत में ही इस सफल ऑपरेशन से जवानों के मनोबल बढ़ गया है। संयुक्त पार्टी के जवान सकुशल वापस लौट आए हैं। 6 जनवरी को विस्फोट के दो दिनों बाद मिला था इनपुट
जवानों को बीजापुर जिले के पामेड़ इलाके में नक्सलियों के जमावड़े की खबर 6 जनवरी को कुटरू के पास हुए विस्फोट के दो दिन बाद ही मिल गई थी।जवानों ने बदला लेने प्लानिंग की। जवानों ने 10 दिन तक नक्सलियों के एक जगह जमा होने का इंतजार किया। जैसे ही इनपुट मिले, वैसे ही तीन जिलों से डेढ़ हजार से ज्यादा जवानों को जमावड़े वाले स्थान पर रवाना किया। ऑपरेशन की शुरुआत एनकाउंटर के 72 घंटे पहले ही कर दी थी। एक टीम को अटैक के लिए रखा था। दूसरी टीम को मदद के लिए और करीब 1 हजार जवानों को जंगलों में घेराबंदी करने लगाया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जवानों ने मौके तक पहुंचने 15 से 20 किमी तक का पैदल सफर भी किया। इसके बाद मौके पर जवान पहुंचे। दो जवान आए आईईडी की चपेट में आकर घायल
नारायणपुर| जिले के गरपा इलाके में शुक्रवार को एक आईईडी विस्फोट में बीएसएफ के दो जवान रविंद्रपाल और रवि पटेल घायल हो गए। जवान खतरे से बाहर हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को बीएसएफ कैंप से सड़क की सुरक्षा के लिए ‘रोड ओपनिंग पार्टी’ (आरओपी) निकाली गई थी। गरपा गांव के पास प्रेशर आईईडी की चपेट में जवान आ गए। इधर, नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में तीन ग्रामीणों का अपहरण कर एक को मार डाला मिरतुर इलाके में नक्सलियों ने पुलिस की मुखबिरी के आरोप में एक ग्रामीण की गला घोंटकर हत्या कर दी, वहीं अन्य दो की पिटाई कर उन्हें छोड़ दिया है। गुरुवार को भैरमगढ़ ब्लॉक के मिरतुर थाना के हल्लूर से नक्सली तीन ग्रामीणों का अपहरण कर अपने साथ ले गए थे। उनमें से हल्लूर निवासी सुक्कू हपका पिता छन्नू हपका (48) की गला घोंटकर कर हत्या कर दी। वहीं अन्य दो ग्रामीणों की बुरी तरह से पिटाई कर उन्हें छोड़ दिया। पुलिस ने बताया, घटना गुरुवार शाम करीब 6 बजे के आसपास की है। नक्सलियों ने ग्रामीण सुक्कू की गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव के पास भैरमगढ़ एरिया कमेटी के नाम से एक पर्चा छोड़ा है। इसमें सुक्कू पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर हत्या करने की बात लिखी गई है।


