भास्कर न्यूज। अमृतसर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता कशमीर सिंह राजपूत ने जालंधर में आई ‘आई लव जेहाद’ विवाद और उससे जुड़ी हिंसा को एक ‘विशेष समुदाय’ के कुछ लोगों की साजिश करार दिया। राजपूत ने आरोप लगाया कि इस समुदाय से जुड़े कुछ नेता देश में संप्रदायिक दंगे फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसे शरारती लोगों के खिलाफ पुलिस-प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। राजपूत ने कहा कि दोषियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उनके इरादों का पर्दाफाश हो सके। उन्होंने यह भी पूछा कि अगर पंजाब में हिंदू-सिख समुदाय खुले तौर पर धार्मिक नारे नहीं लगा पाते तो क्या उन्हें पाकिस्तान जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस लोकतांत्रिक देश में हर समुदाय को धार्मिक आयोजन करने की खुली छूट है और यही संविधान की वजह से संभव है। राजपूत ने पुलिस पर भी सवाल उठाए कि अभी तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। इससे ऐसा लग रहा है कि सरकार और पुलिस इस मामले को गंभीर नहीं ले रही। उनका आरोप था कि कुछ पुलिस अफसरों की शक़्ल में इस समुदाय के शरारती तत्वों से मिलीभगत भी हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि जालंधर में हुए धरने का मकसद माहौल खराब करना था, जबकि घटना असल में यूपी में हुई थी। राजपूत का कहना था कि यह सुनियोजित साजिश है जिसका मकसद राज्य में समुदायों के बीच फूट डालना है। राजपूत ने आरोप लगाया कि कुछ लोग धर्म का इस्तेमाल कर घटना को राजनीतिक रंग दे रहे हैं और उनके हिसाब से इस समुदाय की आबादी में तेज बढ़ोतरी भी चिंता का विषय है। उन्होंने दोहराया कि ऐसे तत्वों को कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और प्रदेश का माहौल साफ रहे। भविष्य में इस तरह की कोई भी घटना न हो इसके लिए कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने पुलिस और सरकार से इस दिशा में तुरंत और ठोस कदम उठाने की अपील की।


