‘प्रदेश में पर्यटन, रोजगार व व्यापार को भी बढ़ावा मिला’

भास्कर न्यूज | राजनांदगांव छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत महोत्सव पर शिवनाथ साइंस कॉलेज में विकसित छत्तीसगढ़ विषय पर संगोष्ठी सभा हु​ई। मुख्य अतिथि सांसद संतोष पांडे रहे। अध्यक्षता नीलू शर्मा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन निगम ने की। सांसद संतोष पांडे ने शुरुआत राज्य स्थापना पूर्व से की जब छत्तीसगढ़ राज्य एमपी का पिछड़ा हिस्सा था। उन्होंने कहा राजनीतिक प्रतिनिधित्व न्यूनतम था। स्थानीय मुद्दे आदिवासी कल्याण, खनिज संसाधनों का उपयोग और बुनियादी विकास की मांगें केंद्र या राज्य स्तर पर अनसुनी रहती थी। साल 1956 से 2000 तक यहां के लोग मध्य प्रदेश विधानसभा के कुछ सीमित क्षेत्रों से प्रतिनिधित्व पाते थे। नतीजा रहा कि क्षेत्र का समुचित विकास नहीं हो सका। बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों की आवाज संसद या विधानसभा में प्रभावी रूप से नहीं उठती थी। राज्य की स्थापना ने न केवल राजनीतिक स्वायत्तता प्रदान की, बल्कि स्थानीय नेतृत्व को सशक्त बनाया। राज्य में 11 लोकसभा और 90 विधानसभा सीटें हैं, जो समाज हित में नीतियां बनाने में सक्षम है। यह परिवर्तन रजत जयंती में दिख रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य के विद्यार्थी, युवा और महिला प्रतिनिधि भाग ले रहे जो राजनीतिक परिपक्वता का प्रतीक बन रहा है। विशेष अतिथि कोमल सिंह राजपूत, किशुन यदु, कॉलेज के जनभागीदारी अध्यक्ष रवि सिन्हा, दिग्विजय कॉलेज जनभागीदारी अतुल रायजादा उपस्थित मौजूद रहे। 25 वर्षों को विकास की उड़ान का नाम दिया गया सांसद ने राज्य की 25 वर्षीय यात्रा को विकास की उड़ान करार देते कहा राज्य स्थापना के बाद एयरपोर्ट, सड़कें, उद्योग, रेलवे और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में प्रगति की है। साल 2000 में राज्य में एक एयरपोर्ट (रायपुर) था, वहीं आज नया रायपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, जगदलपुर में नए हवाई अड्डों का निर्माण कार्य तेजी से हुआ। परियोजना से पर्यटन, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। आदिवासी क्षेत्र मुख्यधारा से जुड़ेंगे। नए उद्योग शुरू होने से लोगों को मिला रोजगार सांसद ने बताया कि स्वीकृत खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल परियोजना से 8 जिलों को लाभ मिलेगा जो महाराष्ट्र से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। उद्योग क्षेत्र में स्टील, सीमेंट और खनन इकाइयों की संख्या बढ़ी जिससे रोजगार मिला। नए मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार होने से स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हुई। विकास की राह में दो प्रमुख बाधा नशे की प्रवृत्ति और नक्सलवाद को खत्म करने की बात कही।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *