जैसलमेर में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। पिछले दिनों सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सर्दी का असर बढ़ गया है। पिछले 4-5 दिनों से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पिछले तीन दिन में अधिकतम पारा 12 डिग्री तक गिर चुका है। माउंट आबू के अधिकतम तापमान से भी जैसलमेर का तापमान कम दर्ज हुआ। जैसलमेर प्रदेश में सबसे ठंडा शहर बना हुआ है। मंगलवार को लगातार तीसरे दिन सुबह घना कोहरा छाया रहा। घने कोहरे में विजिबिलिटी बेहद कम हो गई। वहीं कड़ाके की ठंड ने सबको झकझोर दिया। शहर सहित नहरी क्षेत्र में कोहरे का आलम है। लोग कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण घरों से बाहर ही नहीं निकले। मौसम विभाग के अनुसार आगामी चार दिन तक मौसम साफ रहेगा। मंगलवार व बुधवार को हल्के हल्के बादल छाए रहेंगे। साथ ही तापमान में और गिरावट होने की संभावना है। 18 दिसंबर तक कड़ाके की सर्दी का असर रहेगा। उसके बाद से कड़ाके की सर्दी से राहत मिलने की संभावना है। लगातार चार दिन से गिर रहा तापमान जैसलमेर जिले में अधिकतम तापमान में लगातार चार दिन से गिरावट दर्ज हो रही है। रात का पारा 6 डिग्री पर ही स्थिर रहा। दिन व रात के पारे में एकाएक हो रही गिरावट से कड़ाके की सर्दी का असर तेज हो चुका है। सोमवार को अधिकतम तापमान 13.8 डिग्री व न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री दर्ज किया गया। दिन व रात के पारे में 7 डिग्री का अंतर रहा। मौसम विभाग के अनुसार आगामी चार दिन तक मौसम साफ रहेगा। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि जिले में मंगलवार को कोहरा छाने की संभावना है। वहीं मंगलवार व बुधवार को हल्के हल्के बादल छाए रहेंगे। साथ ही तापमान में और गिरावट होने की संभावना है। 18 दिसंबर तक कड़ाके की सर्दी का असर रहेगा। उसके बाद से कड़ाके की सर्दी से राहत मिलने की संभावना है। रात का पारा 6 डिग्री पहुंचा जैसलमेर जिले में इन दिनों सर्दी रिकॉर्ड तोड़ रही है। पिछले दिनों जैसलमेर में शनिवार की रात प्रदेश की सबसे ठंडी रात रही थी। वहीं सोमवार को प्रदेश में सबसे ठंडा दिन जैसलमेर का रहा। माउंट आबू के अधिकतम तापमान से भी जैसलमेर का तापमान कम दर्ज हुआ। सोमवार को प्रदेश में सबसे कम अधिकतम तापमान जैसलमेर का 13.8 डिग्री दर्ज हुआ। वहीं दूसरे नंबर पर माउंट आबू में अधिकतम तापमान 15 डिग्री दर्ज हुआ। हालांकि माउंट आबू का न्यूनतम तापमान जैसलमेर के न्यूनतम तापमान से 2 डिग्री कम रहा। लेकिन दिन में सर्दी के मामले में जैसलमेर ने माउंट आबू को भी पीछे छोड़ दिया है। सर्दी का असर बढ़ेगा कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि तापमान कम होने व कड़ाके की सर्दी से जीरा फसल को नुकसान हो सकता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि जीरा फसल पर टेबुकोनाजोल का स्प्रे करें। उन्होंने बताया कि जीरे के अलावा रबी की अन्य सभी फसलों के लिए कोहरा व सर्दी से फायदा होगा। इससे खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी साथ ही दाने के आकार में बढ़ोतरी होगी। वहीं दानों की संख्या भी बढ़ेगी।


