रायसेन जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पवार ने सोमवार को जिला भाजपा कार्यालय में वीबी-जी रामजी योजना पर चर्चा की। प्रदेश सरकार में मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पवार ने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाएगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा ने की। मंत्री पवार ने बताया कि योजना के तहत ग्रामीण मजदूरों को 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। इसके अतिरिक्त, खेती की बुवाई और कटाई के समय 60 दिन का अतिरिक्त कृषि मजदूरी का अवसर भी दिया जाएगा। इस प्रकार, ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 185 दिन का रोजगार उपलब्ध होगा, जिससे मजदूरों का शहरों की ओर पलायन रुकेगा। रोजगार गारंटी का अधिकार दिया गया
योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में स्थायी आजीविका के साधन विकसित करना है। ग्राम पंचायतें अपनी आवश्यकतानुसार कार्ययोजनाएं बनाकर काम कराएंगी। प्रभारी मंत्री ने योजना में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि मजदूरों की उपस्थिति से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी लगाम लगेगी। मंत्री पवार ने यह भी बताया कि यदि किसी कारण से मजदूरों को रोजगार उपलब्ध नहीं हो पाता है, तो उन्हें मजदूरी भत्ता देने का प्रावधान किया गया है। नई व्यवस्था के तहत, ग्राम पंचायतों को परिवार पंजीकरण और रोजगार गारंटी का अधिकार दिया गया है। बोले- यह एक ऐतिहासिक परिवर्तन है
योजना में होने वाले खर्च का 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। महंगाई सूचकांक के अनुसार मजदूरी दरों में बढ़ोतरी का भी प्रावधान रहेगा। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार नीति में एक ऐतिहासिक परिवर्तन है। अब मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा और मजबूत होगी। मंत्री पवार ने इस दौरान कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ दल योजना के नाम को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस शासन में योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रहीं, जबकि भाजपा सरकार योजनाओं को धरातल पर उतारकर आमजन को वास्तविक लाभ दे रही है।


