लोयला मैदान में चार दिवसीय आगमन उत्सव का आगाज मंगलवार को हुआ। आयोजन रांची पल्ली खेल समिति की ओर से किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप विंसेंट आइंद रहे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर संत मरिया महागिरजाघर के पल्ली पुरोहित फादर आनंद डेविड खलखो, एक्सआईएसएस के निदेशक फा. जोसेफ मरियानुस कुजूर एसजे थे। अतिथियों ने द्वीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद आर्चबिशप ने प्रार्थना की अगुवाई की। कहा कि साल 2025 की ख्रीस्त जयंती अनोखी है, क्योंकि 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाया जाता है और साल भी 2025 है। कहा कि इस आगमन उत्सव के माध्यम से हम खुशी मना रहे हैं। आगमन शब्द याद दिलाता है कि हम किसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्रभु के आगमन की तैयारी आत्मिक रूप से कर रहे हैं। इस आगमन शांति, सद्भावना, एकता को अपने जीवन में स्थान दें। एक ऐसा वातावरण बनाएं, जहां शांति, प्रेम, एकता के साथ हम रह सकें। इसके तुरंत बाद आर्चबिशप ने मेला परिसर में बनाए गए चरनी की आशीष की। अतिथियों द्वारा क्रिसमस का केक काटा गया। इस मेले में 122 स्टॉल लगाए गए हैं। चरनी ऊपरे का तारा टिम-टिम चमकेला… उद्घाटन समारोह के बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसमें सिंगर संगीता कुमारी, सुनील खोया, सतीश बांडो, राजू केरकेट्टा, म्यूजिकल बैंड पायल ग्रुप ने क्रिसमस गीतों से झुमाया। सोने सोने केरा चांवर डोले, चरनी ऊपरे का तारा टिम-टिम चमकेला, कोई चुमा कराए बालक येसु के, चरनी में सुताए देले मां मरियम जैसे कई गीत गाए। बुधवार को सालेम ग्रुप अपनी प्रस्तुति देगी। इसके पहले लोकल बैंड भी अपनी प्रस्तुति देंगे। प्रभु मानव के रूप में हमारे जीवन में आए : फादर आनंद पल्ली पुरोहित फादर आनंद डेविड खलखो ने सभी को क्रिसमस का संदेश दिया। कहा कि आज का दिन चिंतन करने का दिन है कि आखिर हम क्यों यह उत्सव मना रहे हैं? पूरे विश्व के लोग खुशियां मना रहे हैं। ईश्वर जिन्होंने यह दुनिया बनाई उसने अपने पुत्र को हमें उपहार में दे दिया। प्रभु मानव के रूप में हमारे जीवन में आए, हमारे बीच रहे। ईश्वरीय संदेश को हमारे बीच बांटा और हमारे पापों के कारण क्रूस भी ढोया। ताकि हम मनुष्य प्रेम, क्षमा, शांति का जीवन जी सके। मौके पर संत जेवियर्स कॉलेज के रेक्टर फादर सुधीर मिंज, संत अल्बर्ट्स कॉलेज के रेक्टर अजय खलखो, लोयला हॉस्टल के निदेशक फा. इग्नेश तिर्की, लोयला ट्रेनिंग सेंटर के निदेशक फा. मुकुल लकड़ा, फा. जस्टिन तिर्की सहित अजय जोसेफ टोप्पो सहित अन्य मौजूद थे।


