भास्कर न्यूज | अमृतसर बाजार सिरकी बंदा स्थित शिवाला श्री गंगाराम में एक महीने तक चलने वाले श्री रामचरित मानस का पाठ शनिवार को शुरू हो गया। मंदिर कमेटी की अध्यक्षता और बाबा भोले नाथ की कृपा से शुरू किए पाठ में सबसे पहले प्रभु श्री राम जी की आरती उतारी गई। इसके बाद धर्मपाल जी ने संगीतमय धुन पर पाठ शुरू किया। सुबह 8 से साढ़े 9 बजे तक चले पाठ दौरान कई भक्त मंदिर पहुंचे। पाठ दौरान धर्मपाल जी ने प्रभु श्री राम के जन्म काल का वर्णन सुनाया। सुंदर फूलों से सजे मंदिर परिसर में कई भक्तजन पाठ करने पहुंचे। पाठ में जब-जब दोहे आते को धर्मपाल जी द्वारा उसका व्याख्यान करते रहे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम नाम मनुष्य को भव सागर से पार कर देता है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम जी ने अहल्या, शबरी और खेवट को भी भव सागर से तार दिया था। पाठ के अंत में प्रभु श्री राम नाम की धुन के साथ हरिनाम गुंजा। जिसे सुनकर भक्तजन सराबोर हो उठे। इस मौके पर मंदिर कमेटी के पदाधिकारी और कई सदस्य मौजूद रहे। वही संगत ने प्रभु श्री राम जी का गुणगान किया।


