भास्कर न्यूज | कोंडागांव बस्तर संभाग में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में चल रही पुना मार्गेम पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के तहत मंगलवार को बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने ग्राम देवखरगांव में संचालित पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में रह रहे पुनर्वासित व्यक्तियों से सीधे संवाद कर उनके प्रशिक्षण, रहन-सहन और शासकीय योजनाओं से मिलने वाले लाभों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान आयोजित कार्यक्रम में 35 पुनर्वासित व्यक्तियों को स्मार्टफोन एवं प्रशिक्षण किट का वितरण किया गया। आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि शासन की मंशा स्पष्ट है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे लोगों को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार एवं सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाए। उन्होंने पुनर्वासित व्यक्तियों से प्रशिक्षण अवधि का भरपूर लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि यहां सीखी गई दक्षताओं को न केवल अपने जीवन में अपनाएं, बल्कि अपने गांवों तक भी इसका संदेश पहुंचाएं। पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा ने बताया कि पुना मार्गेम योजना के तहत पुनर्वासित व्यक्तियों को विभिन्न ट्रेडों में कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है इस दौरान जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, एएसपी रूपेश दांडे एवं कौशलेन्द्र देव पटेल, पुनेश्वर वर्मा सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। शांति का मार्ग ही समाधान आईजी ने कहा कि विकास और शांति ही स्थायी समाधान है। जो इसे अपनाकर आगे बढ़ रहे हैं, वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बन सकते हैं। पुनर्वासितों के साहस की सराहना करते हुए विकास के पथ पर आगे बढ़ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद पुनर्वासित व्यक्ति स्वरोजगार के जरिए अपने परिवार की आजीविका चला पाएंगे।


