प्रशिक्षण . लोक संस्कृति और कला को बचाने अर्जुंदा में लगा शिविर

भास्कर न्यूज | बालोद लोक संस्कृति और लोक कला को बचाने के लिए अर्जुंदा में छह दिवसीय निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण शिविर शनिवार को शुरू हुआ।प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए युवक-युवतियां लोक गायन, वादन, नृत्य, नाटक, गम्मत की बारीकियां सीख रहे हैं। लोकरंग संस्था द्वारा आयोजित इस शिविर में प्रशिक्षु कलाकारों को अनुभवी कलाकारों से प्रशिक्षण मिल रहा है। गायन सिखाने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गायक सपन भट्टाचार्य पहुंचे। उन्होंने सुर, लय और ताल का सही तालमेल सिखाया। गायन के अन्य प्रशिक्षकों में सुनील साहू, संजय वर्मा, खिलेश साहू और मोना गंधर्व शामिल हैं। नृत्य प्रशिक्षण यशवंत ठाकुर, कीर्ति भुआर्य, आरती ढीमर, वर्षा गंधर्व, रानी टंडन, दिलीप यादव, यागेंद्र, किसन साहू, लोकेश दे रहे हैं। लोकरंग संस्था की स्थापना दीपक चंद्राकर ने की थी लोकरंग संस्था की स्थापना अर्जुन्दा में दीपक चंद्राकर ने की थी। वे पहले सोनहा बिहान संस्था से जुड़े थे, जहां वे नृत्य और अभिनय करते थे। गांव के बच्चों को लोक नृत्य सिखाते थे। तीज-त्योहारों पर गांव के कलाकारों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुति देते थे। समय के साथ लोकरंग की पहचान छत्तीसगढ़ के बाहर भी बनी। इसके बाद दीपक चंद्राकर ने हर साल निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया। उनके निधन के बाद उनके पुत्र आनंद दीपक चंद्राकर संस्था के संचालक और निर्देशक हैं।

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